टेलीग्राम ऐप पर ऑनलाइन वॉच सेलिंग और 'वर्क फ्रॉम होम', डबल मुनाफे का लालच देकर ₹6.43 लाख की ठगी: रतलाम पुलिस आरोपियों को हरिद्वार और कोटा से दबोच लाई

Online watch selling and 'work from home' on Telegram app, duped of ₹6.43 lakh by promising double profits: Ratlam police arrested accused from Haridwar and Kota

टेलीग्राम ऐप पर ऑनलाइन वॉच सेलिंग और 'वर्क फ्रॉम होम', डबल मुनाफे का लालच देकर ₹6.43 लाख की ठगी: रतलाम पुलिस आरोपियों को हरिद्वार और कोटा से दबोच लाई

डेली जर्नल हिंदी डेस्क 

रतलाम, रतलाम साइबर सेल एवं थाना औद्योगिक क्षेत्र जावरा पुलिस की संयुक्त टीम ने ऑनलाइन घड़ियां बेचने और अधिक मुनाफे का झांसा देकर लाखों रुपए ऐंठने वाले गिरोह के दो आरोपियों को हरिद्वार (उत्तराखंड) और कोटा (राजस्थान) से गिरफ्तार कर किया है। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में रतलाम पुलिस द्वारा साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाई जा रही मुहिम में बड़ी सफलता हासिल हुई है। पकड़े गए आरोपियों में अश्वनी अरोरा (निवासी हरिद्वार) तथा अनिमेष जैन (निवासी बारां, राजस्थान) शामिल हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से ₹28,000 नगद और वारदात में प्रयुक्त मोबाइल फोन जब्त किए हैं।

टेलीग्राम पर दिया था वर्क फ्रॉम होम का झांसा, ऐंठ लिए ₹6.43 लाख

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पीड़ित (मजदूर) को टेलीग्राम पर एक अनजान आईडी से संदेश मिला था, जिसमें ऑनलाइन घड़ियां बेचकर अच्छा मुनाफा कमाने का लालच दिया गया। शुरुआत में आरोपियों ने पीड़ित से रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर ₹10,000 जमा करवाए और फर्जी मुनाफा दिखाकर उसका विश्वास हासिल किया। इसके बाद आरोपियों ने राशि डबल करने का झांसा देकर विभिन्न बैंक खातों में कुल ₹6,43,285/- ट्रांसफर करवा लिए। जब पीड़ित को न तो मुनाफा मिला और न ही मूल रकम वापस हुई, तब उसे ठगी का अहसास हुआ और उसने औद्योगिक क्षेत्र जावरा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी साक्ष्यों व बैंक ट्रांजेक्शन का विश्लेषण कर दोनों आरोपियों को धर दबोचा।

साइबर अपराधों पर रतलाम पुलिस का कड़ा शिकंजा: ₹1.03 करोड़ पर कार्रवाई, ₹37 लाख कराए रिफंड

रतलाम पुलिस केवल गिरफ्तारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि पीड़ितों को उनकी गाढ़ी कमाई वापस दिलाने के लिए भी प्रयासरत है। जिला पुलिस द्वारा अगस्त 2026 तक 89 कोर्ट ऑर्डर के माध्यम से ₹1.03 करोड़ से अधिक की राशि पर वैधानिक कार्रवाई की गई है, जिनमें से 49 मामलों में ठगे गए ₹37.06 लाख से अधिक की राशि पीड़ितों के खातों में सफलतापूर्वक रिफंड करवाई जा चुकी है। इसके अलावा, ठगी के पैसों के लेन-देन के लिए इस्तेमाल होने वाले म्यूल खातों (Mule Bank Accounts) के खिलाफ ‘ऑपरेशन मेट्रिक्स 2.0’ और फर्जी सिम कार्ड नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए ‘ऑपरेशन फास्ट 2.0’ चलाया जा रहा है।

थानों में मजबूत की जा रही 'साइबर डेस्क', आमजन से की सतर्क रहने की अपील

थाना स्तर पर शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए प्रत्येक थाने में 'साइबर डेस्क' संचालित की जा रही है और 'साइबर योद्धा' के रूप में प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों की तैनाती बढ़ाई जा रही है। मामले में एसपी अमित कुमार ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऑनलाइन कमाई, पार्ट टाइम जॉब, निवेश या ट्रेडिंग के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति को पैसे न भेजें और न ही OTP, UPI PIN जैसी गोपनीय जानकारी साझा करें। साइबर फ्रॉड की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन या NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं ताकि समय रहते राशि को होल्ड कराया जा सके।

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