शर्मनाक: रतलाम के आलोट में स्वास्थ्य सेवाओं की खुली पोल, प्रसूता ने अस्पताल के प्रतीक्षालय में दिया बच्चे को जन्म, ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर-नर्स ने दर्द आने के बावजूद रतलाम जाने की दी थी सलाह,कलेक्टर ने संज्ञान लेकर जिम्मेदारों को तीन दिनों में कारण बताओं का किया नोटिस जारी
Shameful: The state of health services in Alot, Ratlam, has been exposed. A pregnant woman gave birth in the hospital waiting room. The doctor and nurse on duty advised her to go to Ratlam despite the pain
डेली जर्नल हिंदी डेस्क
आलोट/रतलाम, मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली एक बार फिर सामने आई है। रतलाम जिले के आलोट में मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है, जहां एक प्रसूता को महिला सिविल अस्पताल में डॉक्टर और नर्स की लापरवाही के चलते अस्पताल के वेटिंग एरिया में ही अपने बच्चे को जन्म देना पड़ा। प्रसूता ने यह भी बताया कि उन्हें पहले भारती किया फिर डिलीवरी में देरी होने का कहकर उन्हें रतलाम जाने की सलाह दी थी। वहीं प्रसूता बाली ने सफाईकर्मी द्वारा एक हजार रुपयों की मांग करने की बात कही।
जानकारी के अनुसार, पालनागरा तहसील आलोट निवासी विक्रम बागरी की पत्नी प्रसूता बाली बागरी को प्रसव पीड़ा के चलते महिला सिविल अस्पताल लाया गया था। लेकिन, पहले तो भारती कर लिया गया फिर उसके बाद यह कहकर बाहर कर दिया कि उनकी डिलीवरी में देर है और उन्हें दर्द नहीं आ रहे है जबकि बाली ने कहा भी कि उन्हें दर्द हो रहा है इसके बावजूद उन्हें रतलाम ले जाने की सलाह दी गई। जब वे प्रतीक्षालय में कुर्सी पर बैठी तब बाली की डिलीवरी हो गई इस दौरान श्रीमती नैहा वैध नर्सिंग आफिसर द्वारा प्रसव कराया गया था। स्टाफ की घोर लापरवाही के कारण, प्रसूता बाली बागरी को मजबूरन अस्पताल के प्रतीक्षालय (वेटिंग एरिया) में ही बच्चे को जन्म देना पड़ा। यह घटना अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही को उजागर करती है।
कलेक्टर मीशा सिंह ने लिया संज्ञान, जिम्मेदार को कारण बताओ नोटिस जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए, रतलाम कलेक्टर मीशा सिंह ने तत्काल इसका संज्ञान लिया है। कलेक्टर ने इस शर्मनाक घटना पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों को 'कारण बताओ' नोटिस (Show Cause Letter) जारी किया है। कलेक्टर ने सख्त निर्देश दिए हैं कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर उचित कार्रवाई की जाएगी। यह घटना स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है और प्रदेश में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोलती है।
कारण बताओ सूचना पत्र में यह लिखा
विभिन्न मीडिया प्रकाशनों के माध्यम से सिविल अस्पताल आलोट में बरामदे में महिला का प्रसव होने संबंधी सूचना मिलने पर कलेक्टर मिशा सिंह और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत वैशाली जैन के निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग द्वारा शासकीय नियमानुसार कार्रवाई की है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ संध्या बेलसर ने प्रकरण में चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अब्दुल कादिर, नर्सिंग ऑफिसर नेहा वैद्य, एएनएम सुनीता सिसोदिया, आशा कार्यकर्ता सरला, तथा जिला प्रबंधक जय अंबे इमरजेंसी सर्विस को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए हैं। पत्र के अनुसार तीन दिवस की समय सीमा में उत्तर प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया है। उत्तर प्राप्त होने के उपरांत विभागीय नियमानुसार कार्रवाई की होगी।
आगे लिखा है कि प्रसूता बाली का प्रसव श्रीमती नैहा वैध नर्सिंग आफिसर द्वारा कराया गया था, जिसकी समीक्षा आपके द्वारा समय पर नही की गई, उक्त समय पर आप ड्युटी इंचार्ज चिकित्सक थे। आपकी इस लापरवाही और अमानवीय कृत्य के कारण महिला का प्रसव अस्पताल के बरामदे में ही हो गया। इस कृत्य के कारण नवजात शिशु और प्रसूता की जान को खतरा हो सकता था। इस घटना के चलते विभाग की छवि धुमिल हुई, आपने स्वयं को को दण्ड का भागी बना लिया है।
इस प्रकार आपका उक्त कृत्य मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण अधिनियम 1965 के नियम-3 के उप नियम-1 के खण्ड (1), (2), (3), के अधीन अपने शासकीय पदीय दायित्वो के विपरित होकर घोर लापरवाही को दर्शाता है एवं कदाचार की श्रेणी मे आता है। आपके द्वारा प्रसव सबंधित प्रोटोकाल का पालन न कर अपने कार्य के प्रति संनिष्ठ एवं कर्तव्य परायण न रहते हुये जिले की छवी धुमिल की गई है। अतः आपके विरूद्ध मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-14 के अंतर्गत अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाना है। आप इस सबंध में उक्त कारण बताओ सूचना पत्र का प्रतिउत्तर उचित माध्यम से तीन दिवस में प्रस्तुत करना सुनिश्चित करे, अन्या आपके विरूद्व एक तरफा कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी।
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