समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक के विरोध में रतलाम कलेक्ट्रेट में ज्ञापन, राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग, भोपाल विधायक के आह्वान पर प्रदेशव्यापी प्रदर्शन का असर
A memorandum was submitted at the Ratlam Collectorate opposing the Uniform Civil Code (UCC) Bill, demanding Presidential intervention. A statewide protest, prompted by a Bhopal MLA, has taken effect
डेली जर्नल हिंदी डेस्क
रतलाम, भोपाल से विधायक आरिफ मसूद के आह्वान पर मध्य प्रदेश सरकार द्वारा लाए गए 'समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक 2026' के विरोध में प्रदेश भर के सभी जिलों में व्यापक प्रदर्शन किया जा रहा है। इसी कड़ी में रतलाम जिले में मुस्लिम समाज की महिलाओं, आम नागरिकों और वकीलों की एक संयुक्त टीम ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर एडीएम को महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। सौंपे गए ज्ञापन में राज्य सरकार द्वारा पारित इस कानून को संविधान की मूल आत्मा, मौलिक अधिकारों तथा धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार बताते हुए इसे तुरंत निरस्त करने या इस पर रोक लगाने की मांग की गई है।
संवैधानिक अधिकारों और समानता के हनन का आरोप
ज्ञापन में बताया गया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 25, 26 और 29 नागरिकों को धार्मिक स्वतंत्रता, समानता तथा अपनी विशिष्ट संस्कृति को संरक्षित करने का मौलिक अधिकार प्रदान करते हैं। विरोध जता रहे प्रबुद्धजनों और अधिवक्ताओं का कहना है कि जहां एक तरफ राज्य की 21% अनुसूचित जनजाति आबादी को प्रथागत कानूनों के संरक्षण के नाम पर इस विधेयक से छूट दी गई है, वहीं दूसरी ओर मुस्लिम एवं अन्य अल्पसंख्यक समुदायों पर इसे अनिवार्य रूप से लागू करना भेदभावपूर्ण है।
सर्वसम्मति और जनपरामर्श की उठाई मांग
विरोध प्रदर्शन के दौरान समाज के प्रतिनिधियों और अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि किसी भी नागरिक संहिता को बिना व्यापक जनसमर्थन के थोपा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने मांग उठाई है कि जब तक सभी प्रभावित पक्षों, कानून विशेषज्ञों की सर्वसम्मति और सार्थक परामर्श की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी भी समुदाय के व्यक्तिगत (पर्सनल) कानूनों में हस्तक्षेप न किया जाए और इस विधेयक को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए।
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