भोपाल बायपास पर टोल वसूली को लेकर उठे गंभीर सवाल: पूर्व विधायक पारस सकलेचा का बड़ा हमला
Serious questions raised regarding toll collection on Bhopal Bypass: Former MLA Paras Saklecha launches a major attack
पूर्व विधायक एवं व्हिसलब्लोअर पारस सकलेचा ने राज्य शासन पर गंभीर सवाल उठाते हुए भोपाल बायपास पर चल रही टोल वसूली को पूरी तरह विधि-विरुद्ध करार दिया है। उनका आरोप है कि शासन ने इंडियन टोल एक्ट, 1851 की धारा 2 का दुरुपयोग करते हुए जनता से लगभग 360 करोड़ रुपये की अवैध वसूली की है, जबकि इस 51 किलोमीटर लंबे बायपास मार्ग के निर्माण में शासन ने अपनी तरफ से एक भी रुपया खर्च नहीं किया था। सकलेचा ने 15 अक्टूबर 2026 को जारी राज्यपाल की उस अधिसूचना को तुरंत निरस्त करने की मांग की है जिसके तहत 19 जुलाई 2026 से ही टोल वसूली की अनुमति दे दी गई थी।
अधिसूचना जारी होने से 88 दिन पहले की तारीख से वसूली की अनुमति पर विवाद
सकलेचा ने मुख्य रूप से आपत्ति जताई है कि 15 अक्टूबर 2026 को जारी की गई अधिसूचना के माध्यम से 19 जुलाई 2026 यानी 88 दिन पहले की पिछली तारीख से टोल वसूली को कैसे अधिकृत किया जा सकता है। उनका तर्क है कि इंडियन टोल एक्ट के तहत बिना किसी स्पष्ट वैधानिक प्रावधान के पूर्ववर्ती तारीख से पथकर लागू करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पूर्व में 8 दिसंबर 2020 को जारी अधिसूचना में भी लगभग 140 दिन पहले से वसूली की अनुमति दी गई थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इस तरह की प्रक्रिया लंबे समय से सवाल के घेरे में है।
बीओटी प्रोजेक्ट पर यूजर फी और अनुबंध के नियमों की अनदेखी का आरोप
बायपास के निर्माण और वित्तीय लेन-देन का कच्चा चिट्ठा खोलते हुए सकलेचा ने बताया कि इसका निर्माण बीओटी (Build-Operate-Transfer) योजना के तहत ट्रांसट्राय कंपनी द्वारा लगभग 304 करोड़ रुपये की लागत से किया गया था। कंपनी ने वर्ष 2013 से दिसंबर 2019 तक करीब 150 करोड़ रुपये का टोल वसूला, जिसके बाद शासन ने यूजर फी के नाम पर करीब 360 करोड़ रुपये और वसूल लिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सड़क का निर्माण निजी कंपनी ने किया था, तो यूजर फी योजना लागू करने का कोई कानूनी आधार नहीं बनता। इसके अलावा, अनुबंध के आर्टिकल 26 के तहत मिलने वाले करोड़ों रुपये के प्रीमियम की समय पर वसूली न करने और आपराधिक मामलों में कानूनी चूक के जरिए कंपनी को सीधा फायदा पहुँचाने के गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं।
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