सहायक कृषि विस्तार अधिकारी परीक्षा में धांधली का आरोप: रतलाम में 3 घंटे की देरी से शुरू हुई परीक्षा, व्हिसलब्लोअर पारस सकलेचा ने उठाए गंभीर सवाल
Allegations of rigging in Assistant Agriculture Extension Officer exam: Exam started 3 hours late in Ratlam, whistleblower Paras Saklecha raised serious questions
ब्लैकलिस्टेड कंपनी को ठेका देने और प्रश्नपत्र की गोपनीयता भंग होने की आशंका पर जांच की मांग
डेली जर्नल हिंदी डेस्क
रतलाम। मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा आयोजित सहायक कृषि विस्तार अधिकारी भर्ती परीक्षा के संचालन को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व विधायक एवं व्यापमं व्हिसलब्लोअर पारस सकलेचा ने परीक्षा प्रक्रिया में भारी गड़बड़ी और अनियमतताओं का आरोप लगाते हुए पूरी प्रणाली की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। सकलेचा के अनुसार, 17 सितंबर की दूसरी पाली की परीक्षा का निर्धारित समय दोपहर 2:30 बजे था, लेकिन रतलाम के सृजन कॉलेज केंद्र पर यह परीक्षा लगभग तीन घंटे की देरी से शाम करीब 5:30 बजे शुरू कराई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस देरी के दौरान कई परीक्षार्थी केंद्र से बाहर चले गए और बाद में परीक्षा शुरू होने के समय वापस अंदर आए, जिससे परीक्षा की पारदर्शिता और गोपनीयता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
ब्लैकलिस्टेड कंपनी को ठेका देने और केंद्रवार रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग
पारस सकलेचा ने परीक्षा कराने वाली एजेंसी पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि चयन मंडल द्वारा ऑनलाइन परीक्षाओं के संचालन का काम एप्टेक (Aptech) कंपनी को लगभग ₹260 प्रति परीक्षार्थी की दर से सौंपा गया है, जबकि पूर्व में यह कार्य करीब ₹170 प्रति परीक्षार्थी की दर से कराया जाता था। उन्होंने कहा कि यह वही कंपनी है जिसे जम्मू-कश्मीर सहित अन्य राज्यों में विवादों के कारण ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है। सकलेचा ने कहा कि रतलाम लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं में विवादों का केंद्र बनता जा रहा है; इससे पूर्व एक्साइज कांस्टेबल और रेलवे भर्ती परीक्षा में भी गड़बड़ियों की शिकायतें आ चुकी हैं। उन्होंने मांग की है कि सभी परीक्षा केंद्रों का वास्तविक प्रारंभ व समाप्ति समय, लॉग-इन व सर्वर लॉग, बायोमेट्रिक रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज तुरंत सार्वजनिक किए जाएं।
2,784 पदों की परीक्षा पर संकट, पुरानी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग
सकलेचा ने बताया कि कृषि विभाग के तहत 2,784 पदों के लिए आयोजित इस भर्ती परीक्षा में लगभग 35 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, जिनमें से करीब 23 हजार अभ्यर्थी 17 व 18 सितंबर को आयोजित तीन पालियों की परीक्षा में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि 200 वस्तुनिष्ठ प्रश्नों वाली इस परीक्षा में 3 घंटे की देरी को सामान्य तकनीकी समस्या बताकर नहीं दबाया जा सकता। सकलेचा ने याद दिलाया कि वर्ष 2021 में भी ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी और समूह-5 भर्ती परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर शिकायतों के बाद परीक्षाएं निरस्त कर मामला साइबर पुलिस को सौंपा गया था, लेकिन उसकी जांच रिपोर्ट आज तक सार्वजनिक नहीं की गई। उन्होंने चेतावनी दी कि हजारों युवाओं के भविष्य से जुड़ी इस परीक्षा में एक मिनट की भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और मंडल को अपनी कार्यप्रणाली स्पष्ट करनी होगी।