रतलाम: जनता प्यासी और टंकी से रातभर बहता रहा पानी: पार्षद सलीम बागवान ने रातभर जागते हुए पड़ताल कर ऑन द स्पॉट पकड़ी लापरवाही, लापरवाह कर्मचारी हुए सस्पेंड
Ratlam: The public was thirsty, and water flowed from the tank all night. Councilor Salim Bagwan stayed awake all night and investigated, catching negligence on the spot, and suspending negligent employees
डेली जर्नल हिंदी डेस्क
रतलाम, वार्ड क्रमांक 25 स्थित शांति नगर, फूल मंडी के पास पानी की टंकी से बीती रविवार की रात भर लाखों लीटर पानी व्यर्थ बहता रहा। हर दिन पानी के बर्बाद होने की शिकायतों की सच्चाई जानने के लिए वार्ड क्रमांक 24 के पार्षद सलीम मोहम्मद बागवान और सोशल वर्कर धर्मेंद्र मंडवारिया ने खुद मोर्चे पर उतरकर जांच-पड़ताल की। रात 10 बजे से सुबह 7 बजे तक समवेल से लगातार पानी बहता रहा, जिसे जनप्रतिनिधियों ने रात भर जागकर वॉच किया और समय-समय पर जिम्मेदार अधिकारियों, इंजीनियरों तथा महापौर को मैसेज भेजकर अवगत कराया। जनप्रतिनिधियों की इस सजगता से मामला संज्ञान में आते ही समवेल पर तैनात लापरवाह कर्मचारियों को कुछ महीनों के लिए सस्पेंड कर दिया गया।
एक तरफ सूखाग्रस्त घोषित रतलाम, दूसरी तरफ जल बर्बादी की घोर लापरवाही
यह घटना इसलिए भी बेहद गंभीर है क्योंकि एक तरफ रतलाम को सूखाग्रस्त घोषित किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर जिस मुख्य स्रोत से पूरे शहर को पेयजल की आपूर्ति होती है, उसी का पानी इस तरह फिजूल में बहाया जा रहा था। सवाल यह उठता है कि संकट के इस दौर में भी कर्मचारी किसके इशारे पर और क्यों इस अनमोल संसाधन को बर्बाद कर रहे थे? पानी के इस बेजा इस्तेमाल ने नगर निगम के जल कार्य विभाग की कार्यशैली पर कड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, इस घोर लापरवाही के कारण सुदगुदरी मार्ग, अशोकनगर, ज्योति नगर और ओझा खाली सहित कई मोहल्लों के निवासियों को जल संकट का सामना करना पड़ा और वे पानी से वंचित रहे। इस स्थिति पर आक्रोश जताते हुए क्षेत्रवासियों ने घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है और मांग की है कि ऐसे लापरवाह कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया जाना चाहिए।
जल बर्बादी के बाद बदला सप्लाई का समय, जनता हुई परेशान
पानी की इस बेहिसाब बर्बादी का खामियाजा अंततः आम जनता को ही भुगतना पड़ रहा है। पानी बह जाने के बाद क्षेत्र में अनाउंसमेंट करा दिया जाता है कि जल प्रदाय के समय में बदलाव किया गया है और सप्लाई देरी से होगी। शांति नगर और आसपास के क्षेत्रों में जहाँ आमतौर पर हर सुबह 9 बजे पेयजल की सप्लाई होती थी, वहीं बीते कुछ समय से लोगों को शाम 5 बजे तक पानी का इंतजार करना पड़ रहा है। निगम प्रशासन की इस अव्यवस्था और कर्मचारियों की गैर-जिम्मेदारी के कारण अब क्षेत्रवासियों को रोजाना पानी की किल्लत और अनिश्चितता झेलनी पड़ रही है।
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