नकली शराब की सही सूचना दी तो रतलाम कलेक्टर देंगे इनाम, कलेक्टर अजय कटेसरिया का कड़ा रुख: राशन वितरण व जनसेवा में कोताही पर गिर सकती है गाज
Ratlam Collector will reward those who provide accurate information about spurious liquor. Collector Ajay Katesaria takes a tough stance: Negligence in ration distribution and public service could lead to action
स्वीकृत स्वास्थ्य भवनों का कार्य 15 दिन में शुरू करने और ध्वनि प्रदूषण पर कड़े नियंत्रण के दिए निर्देश
डेली जर्नल हिंदी डेस्क
रतलाम, मध्य प्रदेश के सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद रतलाम कलेक्टर भी सख्त मिजाज पर है। हर बैठकों में इस मुद्दे को उठाया जा रहा है। कलेक्टर अजय कटेसरिया की अध्यक्षता में आयोजित साप्ताहिक अंतर-विभागीय समीक्षा बैठक में जनहित की योजनाओं, प्रशासनिक दक्षता और कानून-व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण एवं सख्त निर्णय लिए गए। कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रशासनिक तंत्र अपनी आंखें और कान खुले रखकर आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित व पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करे।
अवैध व नकली शराब पर सर्जिकल स्ट्राइक: सूचनादाता को मिलेगा नकद पुरस्कार
कलेक्टर श्री कटेसरिया ने आबकारी विभाग को अवैध एवं नकली शराब के निर्माण, भंडारण और बिक्री के विरुद्ध प्रभावी व कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे नकली शराब से संबंधित किसी भी प्रकार की गुप्त सूचना प्रशासन के साथ साझा करें। सूचना सही पाए जाने पर सूचना देने वाले व्यक्ति को शासन की ओर से पुरस्कृत किया जाएगा तथा उसकी पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।
जिला आबकारी अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि विभाग अपने सूचना तंत्र को मजबूत रखे तथा आम जनता से प्राप्त शिकायतों को अत्यंत गंभीरता से सुने। शिकायतों का तत्काल समाधान कर शिकायतकर्ता को की गई कार्रवाई की जानकारी भी दी जाए। कलेक्टर ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि नागरिकों की शिकायतों की अनदेखी होगी, तो वे हतोत्साहित और परेशान होंगे, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वर्ष 2021 की नामली त्रासदी का उल्लेख
कलेक्टर ने नगरीय निकायों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए वर्ष 2021 में नामली में नकली शराब से हुई दुखद घटना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि गरीब व वंचित तबके में ऐसी घटनाओं की आशंका अधिक रहती है, अतः निकाय व आबकारी विभाग लगातार निगरानी रखें ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
राशन वितरण में मनमानी पर अब केवल विक्रेता ही नहीं, जिला आपूर्ति अधिकारी भी होंगे जिम्मेदार
खाद्यान्न वितरण प्रणाली में किसी भी प्रकार की लापरवाही या धांधली पर कलेक्टर ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने जिला आपूर्ति अधिकारी (DSO) को सख्त निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों को समय पर और पूरा राशन मिलना हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। यदि राशन वितरण में कोई अनियमितता पाई जाती है, तो इसके लिए केवल उचित मूल्य दुकान का विक्रेता ही नहीं, बल्कि जिला आपूर्ति अधिकारी भी सीधे जिम्मेदार होंगे। कलेक्टर ने विशेष रूप से सैलाना, बाजना एवं रतलाम ग्रामीण क्षेत्रों में शत-प्रतिशत राशन वितरण सुनिश्चित करने को कहा। दो माह का राशन एक साथ देने के नाम पर एक माह का राशन देकर दो माह की प्रविष्टि करने या कम राशन देकर अधिक दर्ज करने जैसी फर्जीवाड़े की शिकायतों पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
वन अधिकार अधिनियम: भ्रांतियां दूर कर पात्र दावों का संवेदनशीलता से हो परीक्षण
वन अधिकार अधिनियम, 2006 के अंतर्गत पट्टों से संबंधित प्रावधानों की सही जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाने के लिए कलेक्टर ने पंचायत स्तर तक व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिनियम के तहत 13 दिसंबर 2005 से पूर्व से वन भूमि पर काबिज पात्र व्यक्तियों के दावों का नियमानुसार परीक्षण कर उन्हें अधिकार पत्र प्रदान करने का प्रावधान है। पूर्व में निरस्त हुए दावों का भी पुनः निष्पक्ष परीक्षण किया जाएगा।
कलेक्टर ने जनसाधारण में फैली भ्रांति को दूर करते हुए साफ कहा कि केवल भूमि पर नया अतिक्रमण या हाल ही में कब्जा कर लेने से वन अधिकार का पट्टा प्राप्त नहीं होता। अतः पात्र एवं वास्तविक दावों का संवेदनशीलता के साथ निष्पादन किया जाए।
स्वास्थ्य अधोसंरचना में देरी बर्दाश्त नहीं: स्वीकृत भवनों का निर्माण 15 दिवस में शुरू करने के आदेश
स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिन अस्पतालों एवं स्वास्थ्य भवनों के निर्माण की स्वीकृति जारी हो चुकी है, परंतु कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है, उनका निर्माण कार्य आगामी 15 दिनों में अनिवार्य रूप से शुरू कराया जाए।
उन्होंने दोहराया कि स्वास्थ्य अत्यंत संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण क्षेत्र है। स्वास्थ्य सेवाओं और स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर के मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सभी स्वीकृत कार्यों को तय समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
डीजे और लाउडस्पीकर की डेसिबल सीमा तय; शिवगढ़ तहसील नए भवन में होगी शिफ्ट
ध्वनि प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए कलेक्टर ने उपखंड अधिकारियों (SDM) को स्पष्ट कार्ययोजना बनाकर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी ध्वनि विस्तारक यंत्र निर्धारित डेसिबल सीमा से अधिक तेज आवाज में नहीं बजना चाहिए। बैठक में आमजन की प्रशासनिक सुविधा को ध्यान में रखते हुए शिवगढ़ तहसील कार्यालय को तत्काल प्रभाव से सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण कर नए निर्मित भवन में स्थानांतरित (शिफ्ट) करने के निर्देश भी जारी किए गए।
बैठक में प्रमुख अधिकारियों की उपस्थिति
इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) जिला पंचायत वैशाली जैन, अपर कलेक्टर बृजेंद्र रावत, वन मंडल अधिकारी (DFO) अनुभा सिंह, आयुक्त नगर निगम अनिल भाना सहित विभिन्न विभागों के ज़िलास्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।