ईमानदारी की मिसाल: रतलाम स्टेशन पर कुली को मिला नोटों से भरा बैग, हार्ट पेशेंट बुजुर्ग के बुझते चेहरे पर लौटी मुस्कान
An example of honesty: A porter at Ratlam station found a bag full of notes, bringing a smile back to the pale face of an elderly heart patient
डेली जर्नल हिंदी डेस्क
रतलाम, रेलवे स्टेशन पर 22 जनवरी की रात ईमानदारी की एक ऐसी मिसाल देखने को मिली, जिसने न केवल एक बुजुर्ग की जिंदगी भर की कमाई बचाई, बल्कि रेल विभाग का मान भी बढ़ाया। दहिसर ईस्ट निवासी 72 वर्षीय बुजुर्ग रसिकलाल शाह, जो हृदय रोग से पीड़ित हैं, अपने इलाज के लिए जयपुर-मुंबई एक्सप्रेस से जाने वाले थे। प्लेटफॉर्म नंबर 4 पर ट्रेन आने की हड़बड़ी और कोच खोजने के फेर में वे नोटों से भरा अपना बैग वहीं भूल गए। ट्रेन चलने लगी और बैग न पाकर बुजुर्ग प्लेटफॉर्म पर ही बेसुध होकर चिल्लाने लगे। उन्होंने तुरंत वहां तैनात एएसआई महेंद्र सिंह और हेड कांस्टेबल हरवीर सिंह को सूचना दी।

कुली भरत और गब्बू की ईमानदारी ने जीता सबका दिल
इधर, प्लेटफॉर्म नंबर 4 के एंट्री गेट के पास कुली भरतसिंह को लावारिस बैग पड़ा दिखा। भरतसिंह ने बिना देर किए अपने साथी कुली गब्बू को साथ लिया और बैग लेकर सीधे आरपीएफ पोस्ट पहुंचे। वहां पहले से मौजूद बुजुर्ग और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में जब बैग खोला गया, तो उसमें इलाज के लिए रखे 1 लाख 15 हजार रुपये और अन्य सामान पूरी तरह सुरक्षित मिले। अपनी मेहनत की कमाई वापस पाकर बुजुर्ग रसिकलाल की आंखों में आंसू आ गए। उन्होंने दोनों कुलियों का आभार व्यक्त किया, वहीं स्टेशन पर मौजूद यात्रियों और रेल पुलिस ने भरतसिंह और गब्बू की इस ईमानदारी की मुक्तकंठ से सराहना की।