इंदौर के सबसे पुराने साहित्यिक समुदाय ने मनाया 10वां वर्ष, 'कॉफी विद ऑथर्स एंड आर्टिस्ट्स' में जुटे शहर के दिग्गज

Indore's oldest literary community celebrates its 10th anniversary; 'Coffee with Authors and Artists' brings together city luminaries

इंदौर के सबसे पुराने साहित्यिक समुदाय ने मनाया 10वां वर्ष, 'कॉफी विद ऑथर्स एंड आर्टिस्ट्स' में जुटे शहर के दिग्गज

डेली जर्नल हिंदी डेस्क 

इंदौर, शहर के सबसे पुराने साहित्यिक समुदाय 'कैफीनेटेड कन्वर्सेशन्स' ने अपने 10 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में रविवार, 12 अप्रैल 2026 को होटल मुंबई हाउस में चौथे लिटमीट "कॉफी विद ऑथर्स एंड आर्टिस्ट्स" का भव्य आयोजन किया । इस कार्यक्रम में लेखकों, कलाकारों, डॉक्टरों, पत्रकारों, उद्यमियों और छात्रों सहित 40 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया । सुबह का सत्र कहानियों, पेशेवर अंतर्दृष्टि और रचनात्मक अन्वेषण के नाम रहा, जहाँ वक्ताओं ने पारंपरिक कथाओं और आधुनिक सामुदायिक निर्माण के बीच के अंतर को कम करने पर अपने विचार साझा किए ।

प्रमुख लेखकों और वक्ताओं ने साझा किए अनुभव

कार्यक्रम में कई प्रमुख हस्तियों ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। लेखक अमित जुनेजा ने अपनी पुस्तक 'विक्रम और बेताल' (पेंगुइन इंडिया द्वारा प्रकाशित) के माध्यम से क्लासिक लोककथाओं को फिर से कहने की कला पर चर्चा की । इमोशनल कोच मेघा पाटनी ने महिलाओं और बच्चों के लिए अपना विशेष जर्नलिंग टूल लॉन्च किया । वहीं, लेखिका सांची के. ने अपनी काल्पनिक कृति 'हर नेम वाज़ रेन' की प्रेरणा साझा की । मिठास सर्विसेज की संस्थापक देवांशी शर्मा ने उभरते कहानीकारों को "पुस्तक पिच" के गुर सिखाए, जबकि रक्षिता मेहता और दीपिका व्यास ने इंदौर में रचनात्मक समुदायों के निर्माण पर जोर दिया ।

बौद्धिक और कलात्मक आदान-प्रदान का केंद्र

आयोजन के दौरान ज़ीन-मेकिंग वर्कशॉप, बुक सेल और इंटरैक्टिव टॉक शो जैसे कई आकर्षक कार्यक्रम हुए । कैफीनेटेड कन्वर्सेशन्स की संस्थापक कविता झाला ने समुदाय के 10 वर्षों के सफर पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि शब्दों के प्रति प्रेम ने विभिन्न व्यवसायों के लोगों को एक सूत्र में पिरो दिया है । इंदौर के प्रमुख साहित्यिक केंद्र के रूप में यह समुदाय क्षेत्र में बौद्धिक और कलात्मक आदान-प्रदान के लिए नए मानक स्थापित कर रहा है ।