ग्रामीण विद्यार्थियों की परिवहन समस्या को लेकर छात्र नेताओं ने सौंपा ज्ञापन: निजी बसों की मनमानी पर रोक लगाने की मांग
Student leaders submitted a memorandum regarding the transportation problems of rural students: Demanding a ban on the arbitrary use of private buses
पूरा किराया वसूलने और बसों में न बैठाने का आरोप, SDM को ज्ञापन सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग
डेली जर्नल हिंदी डेस्क
जावरा/रतलाम। ग्रामीण क्षेत्रों से आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं को निजी बसों द्वारा यात्रा में हो रही समस्याओं को लेकर छात्र नेताओं ने मोर्चा खोल दिया है। छात्र नेता जितेंद्र यादव के नेतृत्व में दीपक पाटीदार नवेली, अमित राठौर, रोहित पाटीदार, पवन पाटीदार, हरीश पाटीदार, पंकज, शिवराज, ललित सेन, नितिन गोयल और हर्षिता पंवार सहित प्रतिनिधिमंडल ने अनुविभागीय अधिकारी (SDM) को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए बताया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थी स्कूल और कॉलेज पहुँचने के लिए पूरी तरह निजी बसों पर निर्भर हैं, लेकिन बस संचालक उन्हें बस में बैठाने से मना करते हैं या फिर उनसे नियम विरुद्ध पूरा किराया वसूलते हैं, जिससे उनकी पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान पर लग रहा ग्रहण, छात्र नेताओं ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
छात्र नेताओं ने विशेष रूप से ग्रामीण छात्राओं की स्थिति को बेहद गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित कर रही है, वहीं दूसरी ओर सुरक्षित और नियमित बस सुविधा न मिलने के कारण ग्रामीण बालिकाएं उच्च शिक्षा से वंचित होने की कगार पर पहुँच गई हैं। प्रतिनिधियों ने मांग की है कि संबंधित निजी बस संचालकों की तत्काल जांच कराई जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले बस मालिकों पर सख्त कार्रवाई की जाए। छात्र नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि परिवहन व्यवस्था की कमी के कारण किसी भी छात्र की शिक्षा बाधित नहीं होनी चाहिए और प्रशासन को जल्द से जल्द सुरक्षित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।
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