रतलाम पुलिस की बड़ी कामयाबी: कोटड़ी मंडावल किसान हत्याकांड का 24 घंटे में खुलासा, महिला सहित एक ही परिवार के 4 आरोपी गिरफ्तार
Ratlam police achieve major success: Kotdi Mandawal farmer murder case solved within 24 hours, four accused from same family, including a woman, arrested
डेली जर्नल हिंदी डेस्क
रतलाम/ताल। रतलाम जिले के ताल थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम कोटड़ी (मंडावल) में हुए सनसनीखेज किसान हत्याकांड का पुलिस ने महज़ 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन, एएसपी विवेक कुमार लाल और आलोट एसडीओपी पल्लवी गौर के मार्गदर्शन में गठित विशेष टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए वारदात में शामिल एक ही परिवार के 4 आरोपियों को धरदबोचा है।
खेत पर अकेले पाकर धारदार हथियार से किया था हमला
घटना 19 जून की है, जब ग्राम कोटड़ी निवासी राजेंद्र सिंह डांगी ट्रैक्टर लेकर अपने खेत पर जुताई करने गए थे, लेकिन रात तक घर नहीं लौटे। अगले दिन सुबह खेत में उनका खून से सना शव मिला था, जिसके सिर पर धारदार हथियार से वार के गहरे निशान थे। मृतक के भाई मनोहर सिंह डांगी की रिपोर्ट पर ताल थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज कर सायबर सेल और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों को दबोचने में सफलता पाई।
खेत की मेड़ का विवाद और सामाजिक रंजिश बनी हत्या की वजह
पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों से की गई सघन पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि यह पूरी अमानवीय वारदात खेत की मेड़ (सीमा) के पुराने विवाद और सामाजिक रंजिश के चलते अंजाम दी गई थी। आरोपियों के मन में पीड़ित परिवार द्वारा उन्हें समाज से बाहर कराए जाने की गहरी टीस थी, जिसके कारण 19 जून की शाम को खेत पर राजेंद्र सिंह को अकेला पाकर उन्होंने धारदार हथियारों से उन पर ताबड़तोड़ हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया।
ये आरोपी चढ़े पुलिस के हत्थे, न्यायालय ने भेजा रिमांड पर
पुलिस ने इस अंधे कत्ल के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए निम्नलिखित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
उमराव सिंह डांगी (46 वर्ष), निवासी ग्राम कोटड़ी खारवा
जितेंद्र डांगी (22 वर्ष - उमराव सिंह का पुत्र), निवासी ग्राम कोटड़ी खारवा
जगदीश डांगी (42 वर्ष - उमराव सिंह का भाई), निवासी ग्राम कोटड़ी खारवा
भूलीबाई डांगी (42 वर्ष - उमराव सिंह की पत्नी), निवासी ग्राम कोटड़ी खारवा
पुलिस ने चारों आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें आगे की पूछताछ और हथियार बरामदगी के लिए पुलिस रिमांड पर लिया गया है। इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में ताल थाना प्रभारी स्वराज डाबी, आलोट थाना प्रभारी मुनेन्द्र गौतम, बरखेड़ाकला थाना प्रभारी पतिराम डावरे और सायबर सेल रतलाम की टीम की बेहद सराहनीय भूमिका रही।
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