रादुविवि में बवाल: छात्र हितों से खिलवाड़ पर भड़की NSUI, दफ्तर में घुसकर जताया विरोध
Chaos at Raduniv: NSUI enraged over tampering with student interests, stormed the office to protest
डेली जर्नल हिंदी डेस्क
जबलपुर, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर में आज उस समय हंगामे की स्थिति निर्मित हो गई जब एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ पांच सूत्रीय मांगों को लेकर उग्र प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में पहुंचे छात्रों एवं कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय के मुख्य प्रशासनिक भवन के बाहर जमकर नारेबाजी करते हुए प्रशासन पर छात्र विरोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान कुलगुरु एवं कुलसचिव के अनुपस्थित रहने से छात्रों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया। लगभग आधे घंटे तक प्रदर्शन करने के बावजूद जब कोई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी छात्रों से चर्चा करने नहीं पहुंचा, तब आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने प्रशासनिक भवन के भीतर प्रवेश करते हुए कुलसचिव कार्यालय का घेराव कर दिया। इस दौरान कर्मचारियों एवं पुलिस अधिकारियों द्वारा छात्रों को रोकने का प्रयास किया गया किंतु प्रदर्शनकारी कार्यकर्ता कार्यालय कक्ष के भीतर पहुंच गए और वहीं धरने पर बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी।लगभग एक घंटे तक कुलसचिव कार्यालय के भीतर छात्रों द्वारा लगातार नारेबाजी और प्रदर्शन किया जाता रहा। स्थिति तनावपूर्ण बनी रही, जिसके बाद विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक मौके पर पहुंचे और छात्रों से चर्चा कर उनका ज्ञापन प्राप्त किया। इस दौरान छात्रों ने कुलगुरु पर भी गंभीर आरोप लगाए। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना था कि कुलगुरु केवल कुछ खास लोगों से ही मुलाकात करते हैं तथा सामान्य छात्रों की समस्याओं और छात्र हितों से उनका कोई सरोकार नहीं रह गया है। छात्रों ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन पूरी तरह संवेदनहीन हो चुका है और छात्र लगातार परेशान हो रहे हैं।

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे एनएसयूआई नेता अनुराग शुक्ला ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में शासन की छात्र हितैषी योजनाओं का खुला उल्लंघन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश शासन की संबल एवं मेधावी विद्यार्थी योजना के पात्र छात्रों से नियमों के विपरीत परीक्षा एवं अन्य शुल्क वसूले जा रहे हैं, जबकि मध्यप्रदेश शासन की प्रवेश मार्गदर्शिका एवं माननीय उच्च न्यायालय के आदेश दिनांक 07/07/2025 के अनुसार ऐसे छात्रों से केवल कॉशन मनी लिए जाने का ही प्रावधान है। इसके बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों का शोषण कर रहा है।कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय ग्रंथालय में प्लेजियरिज्म जांच के नाम पर कथित अनियमित वसूली, शोधार्थियों के लिए पारदर्शी व्यवस्था के अभाव तथा विश्वविद्यालय में UGC के अकादमिक सत्यनिष्ठा एवं साहित्यिक चोरी की रोकथाम संबंधी विनियमों के पालन न होने का मुद्दा भी उठाया। इसके अतिरिक्त एनसीसी कैडेट्स के साथ हो रही उपेक्षा पर भी नाराजगी व्यक्त की गई। एनएसयूआई नेताओं ने कहा कि अप्रैल 2026 में मध्यप्रदेश शासन एवं रक्षा मंत्रालय द्वारा एनसीसी विस्तार और कैडेट्स को प्रोत्साहन देने के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं, किंतु विश्वविद्यालय स्तर पर न तो कोई समुचित सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है और न ही कोई प्रभावी समन्वय व्यवस्था विकसित की गई है।
छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय के अनेक अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक समय पर कार्यालय नहीं पहुंचते, जिसके कारण विद्यार्थियों को अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए घंटों इधर-उधर भटकना पड़ता है। कई बार छात्र दस्तावेजों, परीक्षा संबंधी कार्यों एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं के लिए संबंधित कर्मचारियों को खोजते रहते हैं, लेकिन कार्यालयों में उनकी अनुपस्थिति बनी रहती है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि महामहिम राज्यपाल महोदय की अध्यक्षता में आयोजित समन्वय समिति की 101वीं बैठक में बायोमैट्रिक उपस्थिति अनिवार्य करने का निर्णय लिया गया था, किंतु रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में आज तक इसे प्रभावी रूप से लागू नहीं किया गया।
प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई के अनुराग शुक्ला, राष्ट्रीय सचिव देवकी पटेल, प्रदेश सचिव प्रतीक गौतम, सैफ मंसूरी, शफी खान, अदनान अंसारी, अंकित शुक्ला, राजीव श्रीवास्तव, सोनू मेशराम, निखिल वंशकार, तीरथ श्रीवास, आलोक शर्मा, अनमोल प्रजापति, आर्यन चौधरी, युग ठाकुर सहित बड़ी संख्या में छात्र और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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