टोल रोड पर सुप्रीम कोर्ट में लंबित पिटीशन पर शासन शीघ्र सुनवाई का आवेदन लगाएगा, 33 माह से नहीं हुई सुनवाई, पूर्व विधायक पारस सकलेचा की लंबित पिटीशन
The government will file an application for an early hearing on the pending petition in the Supreme Court on the toll road, which has not been heard for 33 months, and the pending petition of former MLA Paras Saklecha
डेली जर्नल हिंदी डेस्क
सुप्रीम कोर्ट में टोल रोड पर 5 से 6 गुना वसूली पर पूर्व विधायक पारस सकलेचा की लंबित पिटीशन पर 24/4/2023 के 33 माह बाद भी सुनवाई नहीं होने पर शासन शीघ्र सुनवाई हेतु आवेदन लगाएगा । यह आश्वासन लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने विधायक प्रताप ग्रेवाल के प्रश्न पर विधानसभा में दिया। प्रताप ग्रेवाल द्वारा भोपाल देवास , लेबड जावरा तथा जावरा नयागांव टोल रोड पर आधी अवधि में 5 से 6 गुना टोल वसूलने पर भोपाल बायपास की तरह टोल अनुबंध निरस्त करने की मांग पर मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में प्रकरण प्रचलित है ।
ग्रेवाल के इस आरोप से मंत्री राकेश सिंह ने इंकार किया कि शासन जनहित के इस मुद्दे का शीघ्र निराकरण नहीं चाहता है , और प्रकरण में सुनवाई लंबित कर निवेशक के हित संरक्षण कर रहा है । उल्लेखनीय है कि पूर्व विधायक पारस सकलेचा की भोपाल देवास , लेबड जावरा तथा जावरा नयागांव टोल रोड पर अभी तक लागत का 5 से 6 गुना ज़्यादा टोल वसूलने तथा दिसंबर 2033 एवं दिसंबर 2038 तक टोल वसूलने की अवधि के विरुद्ध पिटीशन को इंदौर उच्च न्यायालय द्वारा खारिज करने पर सुप्रीम कोर्ट में दिसंबर 2022 में प्रकरण दायर किया था ।
ग्रेवाल के प्रश्न का जवाब देते हुए मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि लेबड जावरा टोल रोड की लागत 589.31 करोड़ के बदले दिसंबर 2025 तक 2349.72 करोड़ वसूला गया । जबकि जून 2025 तक 2182.8 टोल वसूला गया था । जुलाई से दिसंबर 25 के 6 माह में 166.92 करोड़ टोल वसूला गया । जावरा नयागांव टोल रोड पर लागत 425.71 करोड़ के ऐवज में दिसंबर 25 तक 2607.68 करोड़ तथा देवास भोपाल टोल रोड पर 2028.16 करोड़ टोल वसूला गया । भोपाल देवास टोल रोड पर जुलाई से दिसंबर 25 के 6 माह में 138.65 करोड़ टोल वसूला गया ।
ग्रेवाल ने आरोप लगाया कि जुलाई तथा दिसंबर के प्रश्न में भोपाल देवास की लागत 426.64 करोड़ तथा 81 करोड़ का अनुदान घटाने के बाद 345.64 करोड़ बताई थी । लेकिन मात्र डेढ़ माह बाद शासन इसे 621.77 करोड़ बताकर सुप्रीम कोर्ट में निवेशक के हित का संरक्षण कर रहा है । विधायक ग्रेवाल ने कहा कि प्रदेश की 19 बीओटी तथा 27 बीओटी एन्युटी सड़क पर दिसंबर 2025 तक 10311.06 करोड़ टोल वसुला गया , जो लागत का डेढ़ गुना है । तथा सभी मार्गों पर 12 से 15 वर्ष तक टोल और वसूला जाएगा।
एमपीआरडीसी ने अधिसूचना के एक साल पहले से अवैध टोल वसूला, शासन अपने स्तर पर टोल नहीं वसूल सकता, एमपीआरडीसी ने 43 सड़कों पर कमाये 604 करोड़
मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम ने महामहिम राज्यपाल की अधिसूचना के 6 माह से एक साल पहले से नियमों के विपरीत गैर कानूनी टोल वसूलना प्रारंभ कर दिया है । यह आरोप विधायक प्रताप ग्रेवाल ने लगाया। प्रताप ग्रेवाल का कहना है कि इंडियन टोल एक्ट के तहत शासन अपने स्तर पर किसी भी सड़क पर टोल नहीं ले सकता है । सड़क जनता की संपत्ति है , तथा शासन ट्रस्टी है । ट्रस्टी उस संपत्ति से बेजा लाभ नहीं कमा सकता है । सुप्रीम कोर्ट ने मंदसौर पुलिया के टोल प्रकरण में आदेश दिया कि कोई भी निवेशक, लागत उस पर ब्याज तथा रखरखाव के अतिरिक्त टोल नहीं वसूल कर सकता है।
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि भोपाल बायपास की अधिसूचना 8 दिस 2020 को जारी हुई , टोल वसुली 12/12/2019, इंदौर उज्जैन की अधिसूचना 30 दिसंबर 2022 को जारी हुई , टोल वसुली 21/1/2022 , सागर दमोह की अधिसूचना सूचना 8 दिसंबर 21 को जारी हुई टोल वसुली 28/2/21, भिंड गोपालपुरा की अधिसूचना 4 जनवरी 2022 को जारी हुई , टोल वसूली 19/3/21, गुना ईसागढ़ की अधिसूचना 10 अक्टूबर 2024 को जारी हुई , टोल वसूली 2/6/23 , महू घाटाबिल्लोद की अधिसूचना 24/12/21 को जारी हुई, टोल वसूली 28/2/21 , बिना खिमलासा की अधिसूचना 8 दिसंबर 2021 को जारी हुई , टोल वसुली 19/3/21 से प्रारंभ कर दी गई।
राकेश सिंह ने बताया कि मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम 43 सड़कों पर पिछले 2/3 वर्षों में दिस 2025 तक 1102.15 करोड़ रूपया टोल वसूल चुका है । रखरखाव व अन्य खर्च पर 498.49 करोड है। प्रताप ग्रेवाल ने कहा कि एमपीआरडीसी द्वारा दिसंबर 2025 तक भोपाल बाईपास पर 284.33 करोड़ , इंदौर उज्जैन मार्ग पर 130.41 करोड़ , महु घाटाबिल्लौद पर 122.90 करोड़ तथा सागर दमोह मार्ग पर 95.59 करोड़ , कुल मिलाकर 633.94 करोड़ टोल वसूला तथा रखरखाव पर 200.96 करोड़ खर्च किए। प्रताप ग्रेवाल ने कहा कि इन 43 सड़कों पर अवैध टोल वसूली से एमपीआरडीसी ने 603.66 करोड़ का शुद्ध लाभ प्राप्त किया।