भूख हड़ताल की चेतावनी के बाद एक्शन में प्रशासन: उज्जैन से जावरा पहुंची जांच टीम; श्मशान घाट की रिटेनिंग वॉल का किया मौका मुआयना, दिए नोटिस और रिकवरी के निर्देश

Administration in action after hunger strike warning: Investigation team arrives in Jaora from Ujjain; conducts on-the-spot inspection of cremation ground retaining wall, issues notices and recovery instructions

भूख हड़ताल की चेतावनी के बाद एक्शन में प्रशासन: उज्जैन से जावरा पहुंची जांच टीम; श्मशान घाट की रिटेनिंग वॉल का किया मौका मुआयना, दिए नोटिस और रिकवरी के निर्देश

डेली जर्नल हिंदी डेस्क 

जावरा, वार्ड क्रमांक 09 की सजग भाजपा पार्षद श्रीमती जानीबाई धाकड़ और पार्षद प्रतिनिधि दशरथ कसानिया द्वारा श्मशान घाट की रिटेनिंग वॉल के अधूरे व नियम विरुद्ध निर्माण को लेकर 4 जून से दी गई भूख हड़ताल और उग्र आंदोलन की चेतावनी का व्यापक असर हुआ है। प्रशासन ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत एक्शन लिया और चेतावनी के दूसरे ही दिन उज्जैन से एक उच्च स्तरीय तकनीकी जांच टीम जावरा पहुंच गई। उज्जैन से आए कार्यपालन यंत्री (EE) मनोहर जी बागड़ी एवं सहायक यंत्री (AE) राजेंद्र जी काजलिया ने जावरा नपा सीएमओ चंद्रशेखर सोनीस और सब-इंजीनियर लोकेश कुमार विजय के साथ घटनास्थल का बारीक निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने संबंधित शिकायतकर्ताओं को भी मौके पर बुलाया।

सोमवार तक का मांगा समय, शिकायतकर्ता की मौजूदगी में दोबारा होगी नपती

जांच अधिकारियों ने मौके पर मौजूद गड़बड़ियों को देखते हुए समस्या के उचित समाधान और नया कार्य प्रारूप तैयार करने के लिए आगामी सोमवार (5 दिन) तक का समय मांगा है। कार्यपालन यंत्री ने सब-इंजीनियर लोकेश कुमार विजय को कड़े निर्देश दिए हैं कि सोमवार तक रिटेनिंग वॉल की संपूर्ण नपती की जाए, जिसमें मिट्टी हटाने के बाद वॉल की सटीक हाइट और लंबाई का पूरा मेजरमेंट शामिल होगा। विशेष बात यह है कि यह पूरा मेजरमेंट शिकायतकर्ता की प्रत्यक्ष उपस्थिति में किया जाएगा, जिसे सोमवार को ही उज्जैन मुख्यालय में सबमिट करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही रुका हुआ शेष कार्य भी तुरंत शुरू करने को कहा गया है।

लापरवाही पर नपालिका को जारी होगा नोटिस, वीडियो और फोटो देखकर चौंके अफसर

मौके पर पहुंचे आला अधिकारियों ने साफ तौर पर कहा कि निर्माण कार्य में हुई इस गंभीर लापरवाही और लेतीफी को लेकर आज ही नगर पालिका जावरा और संबंधित गैर-जिम्मेदार अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान पार्षद प्रतिनिधि दशरथ कसानिया ने अधिकारियों को कई चौंकाने वाले तथ्यों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि जो ड्राइंग-डिजाइन स्वीकृत थी, उसके अनुसार काम ही नहीं किया गया, बल्कि ठेकेदार ने अपनी मर्जी से 'लीपापोती' कर भुगतान भी उठा लिया। डिजाइन के विपरीत स्टील (लोहा) डाला गया और गुणवत्ता से जमकर खिलवाड़ किया गया। कसानिया ने पूर्व में डिजाइन न मिलने और हाल ही में प्राप्त हुई डिजाइन के अंतर को स्पष्ट करते हुए मौके पर ही अधिकारियों को गड़बड़ियों के पुख्ता वीडियो और फोटोग्राफ्स दिखाए, जिसे देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। भाजपा नेताओं ने दो टूक शब्दों में मांग की है कि जो भी दोषी हो, उस पर तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की जाए और किए गए गलत भुगतान की रिकवरी की जाए।

लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी, सोमवार तक निराकरण न होने पर फिर आंदोलन का अल्टीमेटम

शिकायतकर्ताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि सोमवार तक इस मामले का पूरी तरह पारदर्शी निराकरण नहीं होता है, तो वे अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार भूख हड़ताल और आंदोलन पर बैठने के लिए बाध्य होंगे। मौके पर उपस्थित भारतीय जनता पार्टी के मंडल अध्यक्ष राजेश शर्मा ने भी नपा प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए स्पष्ट कहा कि जनहित के कार्यों में इस तरह की लापरवाही और भ्रष्टाचार कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके तुरंत बाद वहां उपस्थित एल्डरमैन नंद किशोर महावर, संतोष शर्मा, पार्षद कालू कदम और पार्षद प्रतिनिधि चंद्र प्रकाश सोलंकी ने भी रिटेनिंग वॉल में हुई धांधली को लेकर गहरी नाराजगी जताई। वहीं वार्ड निवासी रमेश धाकड़, श्यामसुंदर सागित्रा, बद्रीलाल सालित्रा, मनीष और कालूराम भी कड़ा विरोध दर्ज कराने श्मशान घाट पहुंचे।

वाल्मीकि बस्ती का भी किया औचक निरीक्षण, नालियों और पाइपलाइन सुधारने के निर्देश

श्मशान घाट पर रिटेनिंग वॉल का निरीक्षण करने के तुरंत बाद उज्जैन की टीम, सीएमओ चंद्रशेखर सोनीस, सब-इंजीनियर राजीव राव, मंडल अध्यक्ष राजेश शर्मा और पार्षद प्रतिनिधि के साथ सीधे जावरा की वाल्मीकि बस्ती पहुंचे। यहाँ किए गए औचक निरीक्षण के दौरान बस्ती में नालियों की बदहाली और पानी की पाइपलाइन में कई गंभीर खामियां व तकनीकी त्रुटियां पाई गईं। इस पर वरिष्ठ अधिकारियों ने नाराजगी जताते हुए स्थानीय नपा अमले को निर्देश दिए कि बस्ती वासियों की इस समस्या का तुरंत और उचित समाधान सुनिश्चित किया जाए ताकि आमजन को राहत मिल सके।

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