रतलाम के दो पत्रकारों को मिली राहत—इंदौर हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत मंजूर
Two journalists from Ratlam district got anticipatory bail
डेली जर्नल हिंदी डेस्क
रतलाम, जिले के दो पत्रकारों, रफ़ीक़ खान और किशन साहू, को इंदौर उच्च न्यायालय से बड़ी राहत मिली है। हाई कोर्ट ने थाना स्टेशन रोड पर दर्ज प्रकरण में दोनों को अग्रिम जमानत प्रदान कर दी है। प्रकरण वर्तमान में विवेचना के चरण में है, किंतु अदालत ने उपलब्ध तथ्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विस्तृत सुनवाई कर यह अंतरिम संरक्षण दिया।
मामला उस समाचार कवरेज से जुड़ा है, जिसमें दोनों पत्रकारों ने अपने पेशेगत दायित्वों के तहत तथ्यात्मक सामग्री को जनता के समक्ष रखा था। कथित रूप से इसी रिपोर्टिंग को लेकर उनके विरुद्ध मामला दर्ज हुआ था। पत्रकारों की ओर से कहा गया कि उन्होंने केवल वही प्रकाशित किया जो तथ्य और साक्ष्यों पर आधारित था। उच्च न्यायालय ने आरोपों की प्रकृति, उपलब्ध अभिलेखों तथा पत्रकारों की भूमिका पर सुनवाई करते हुए, अदालत ने मामले में अंतरिम जमानत मंजूर की।
इस महत्वपूर्ण प्रकरण में पत्रकारों की ओर से अधिवक्ता दयानाथ पाण्डेय, इमरान कुरैशी तथा इमरान मंसूरी ने प्रभावी पैरवी की। टीम ने अदालत के समक्ष मामले की पूरी पृष्ठभूमि, तथ्यात्मक रिपोर्टिंग की भूमिका तथा पत्रकारिता के स्वाभाविक कर्तव्यों पर विस्तृत तर्क रखे। उच्च न्यायालय का यह आदेश न केवल मामले के आगे की प्रक्रिया में दोनों पत्रकारों को राहत प्रदान करता है, बल्कि यह राहत उस संदर्भ को देखते हुए प्रदान की गई है जिसमें पत्रकारों ने तथ्यात्मक रिपोर्टिंग का हवाला दिया था। अंतिम निर्णय फिलहाल न्यायालय में लंबित है।
यह था पूरा मामला
तेज इंडिया टीवी के पत्रकार रफीक खान की ओर से जीआरपी पुलिस के द्वारा स्टेशन रोड पर एक चलानी कार्रवाई की गई जिसकी खबर तेज़ इंडिया टीवी पर प्रसारित की गई थी। इसकी आपत्ति लेकर संबंधित हेड कांस्टेबल द्वारा आपत्ति लेते हुए भ्रामक खबर चलाने को लेकर स्टेशन रोड थाने पर मामला दर्ज करवाया गया था।
वहीं दूसरा मामला साप्ताहिक अखबार शब्द एक्सक्लूसिव के पत्रकार किशन साहू पर अंजुमन सदर इब्राहिम शैरानी की ओर वसूली की मांग को लेकर एक मामला स्टेशन रोड थाने पर दर्ज करवाया गया था।