इंदौर की घटना के लिए शासन जिम्मेदार, मुख्यमंत्री द्वारा 2 लाख की घोषणा इसका प्रमाण, उच्च स्तरीय जांच आयोग का हो गठन, इंदौर जैसा कई शहरों में होने की संभावना
The government is responsible for the Indore incident, the announcement of Rs 2 lakh by the Chief Minister is proof of this, a high-level inquiry commission should be formed, incidents like Indore are likely to happen in many cities
डेली जर्नल हिंदी डेस्क
सिवरेज योजना के क्रियान्वयन का आईआईटी मुंबई इंदौर से परीक्षण करवाया जाए
रतलाम , इंदौर में गंदे पानी से मृत व्यक्तियों के परिवार को मुख्यमंत्री द्वारा 2 लाख दिए जाने की घोषणा इस दर्दनाक कांड में शासन की जिम्मेदारी तय करता है । इसके लिए उच्च स्तरीय जांच आयोग का गठन किया जाना चाहिए। यह बात पूर्व विधायक पारस सकलेचा ने कही। सकलेचा ने कहा कि इंदौर की घटना पीने की पाइप लाइन में सीवर की गंदगी के मिलने से हुई है । यह प्रक्रिया प्रत्येक उस शहर में हो रही है , जहां सीवरेज की पाइपलाइन डाली गई है । जो इंदौर में हुआ है वह धीमी गति से प्रत्येक शहर में घट रहा है।आज नहीं तो कल इस घटना की सारे शहरो में पुनरावृति होगी।
सकलेचा ने कहां की जब तक सिवरेज योजना नहीं थी , सीवर की गंदगी नाली में बह जाया करती थी। योजना के बाद सिवरेज के चेंबर सड़कों पर ओवरफ्लो होकर सड़कों पर गंदगी का तालाब बना रहे हैं , और वाहन के माध्यम से , पांव के माध्यम से , पशु-पक्षी से वह गंदगी घरों में प्रवेश कर रही है। सकलेचा के अनुसार प्रत्येक शहर की सीवरेज योजना में निम्न गुणवत्ता के पाइप का उपयोग किया गया , जिसके बारीक-बारीक छिद्रों से सीवर की गंदगी बाहर निकल कर पीने की पाइप लाइन में मिल रही है। पाइप के जॉइंट में किसी भी प्रकार का केमिकल लगाकर उसे एयर टाइट नहीं करने से सीवर का लिकेज हमेशा बना रहता है। सिवरेज की पाइप लाइन , पीने के पानी की पाइपलाइन से 4-6 फीट दूर होना चाहिए , इस नियम का कहीं भी पालन नहीं किया गया। अधिकांश जगह सिवरेज की लाइन और पानी की लाइन साथ-साथ चल रही है या ऊपर नीचे चल रही है तथा सीवरेज की पाइप लाइन की गहराई भी नियमानुसार नहीं है एवं पाइपलाइन के नीचे और ऊपर गिट्टी और सीमेंट का भराव भी नहीं किया गया है। खुदाई के समय जो मिट्टी निकाली थी , उसी को वापस भराव में डाल दिया गया है।
सकलेचा के अनुसार सिवरेज योजना में जो मेन होल , हाउस चैंबर और गली चैंबर बनाए गए हैं , उनमें अंदर और बाहर प्लस्तर नहीं करने से सीवर की गंदगी निरंतर बाहर निकल कर पास में गुजर रही पीने की पाइप लाइन में मिल रही है। सकलेचा ने कहा कि रतलाम में भी सिवरेज योजना के बाद से आधे शहर में गंदा पानी आ रहा है। कई स्थानों पर पानी में मल के टुकड़े , बदबू , तथा कीड़े होते हैं। कांग्रेस पार्षद सलीम मोहम्मद बागवान की एनजीटी में पीने के पानी में सिवर की गंदगी को लेकर चल रही पिटीशन की सुनवाई में एनजीटी ने हाल ही में अपने आदेश में नगर निगम तथा प्रदूषण नियंत्रण मंडल को कड़ी फटकार लगाई है। सकलेचा ने मांग की कि निरपराध 20 से अधिक व्यक्तियों की मृत्यु के जिम्मेदारों को कड़ी सजा देने के लिए , अन्य शहरों में इस घटना की पुनरावृत्ती रोकने के लिए , माननीय उच्च न्यायालय के सेवानिवृत न्यायाधीश की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय जांच आयोग का गठन किया जाना चाहिए । शासन को उन नगरों में जहां सिवरेज लाइन डाली गई है, उसके क्रियान्वयन का आईआईटी मुंबई या इंदौर के द्वारा गहन परीक्षण करवाना चाहिए । नहीं तो जो इंदौर में हुआ है ,वह प्रत्येक उस शहर में दोहराया जाएगा , जहां सिवरेज की पाइपलाइन डाली गई है ।