चांदनी चौक हथियार दुकान ब्लास्ट में दुकान मालिक की मौत: अस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दम, दो अन्य घायलों के परिवारों ने मुख्यमंत्री कैबिनेट मंत्री से मांगी मदद
Shop owner killed in Chandni Chowk arms shop blast: Died during treatment in hospital, families of two other injured seek help from Chief Minister and Cabinet Minister
डेली जर्नल हिंदी डेस्क
रतलाम/इंदौर। रतलाम के व्यस्ततम चांदनी चौक इलाके में स्थित आर्म्स रिपेयरिंग शॉप में हुए भीषण धमाके ने अब एक दुखद मोड़ ले लिया है। इस हादसे में गंभीर रूप से झुलसे दुकान मालिक यूसुफ अली (पिता इसाक अली) की इंदौर के चोइथराम अस्पताल में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। यूसुफ अली धमाके के समय आग की लपटों में बुरी तरह घिर गए थे, जिसके बाद उन्हें इंदौर रेफर किया गया था, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
दो घायलों की हालत नाजुक, आयुष्मान कार्ड भी नहीं आ रहा काम
हादसे में घायल दो अन्य युवक, शेख रफ़ीकुद्दीन और नाजिम, अभी भी मौत से जूझ रहे हैं। उनकी स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। परिवार के सामने इलाज के खर्च का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। परिजनों ने बताया कि चोइथराम अस्पताल में 'बर्निंग केस' (झुलसे हुए मरीजों) का इलाज आयुष्मान योजना के दायरे में नहीं आ रहा है, जिसके कारण वे इस सरकारी योजना का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिवार महंगा निजी इलाज कराने में पूरी तरह असमर्थ है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव और मंत्री विधायक कश्यप से मदद की गुहार
पीडि़त परिवारों ने अब प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मंत्री विधायक कश्यप से इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लगाई है। परिजनों का कहना है कि वे अपने घर के सदस्यों को बचाने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर चुके हैं, लेकिन भारी-भरकम खर्च के कारण अब उनकी उम्मीदें केवल सरकार पर टिकी हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से विशेष कोष से मदद दिलाने और आयुष्मान योजना के नियमों में रियायत दिलाने की मांग की है ताकि शेष दो घायलों की जान बचाई जा सके।
घटना का घटनाक्रम: एक चिंगारी ने उजाड़ दी खुशियाँ
उल्लेखनीय है कि यह हादसा उस समय हुआ था जब चांदनी चौक स्थित दुकान में वेल्डिंग का काम चल रहा था। वेल्डिंग की चिंगारी वहां मौजूद बारूद पर गिरने से जोरदार धमाका हुआ था। इस धमाके ने न केवल एक जान ले ली, बल्कि अब दो अन्य परिवार भी तबाही के मुहाने पर खड़े हैं। रतलाम पुलिस और प्रशासन मामले की जांच कर ही रहे हैं, लेकिन फिलहाल प्राथमिकता घायलों की जान बचाना बनी हुई है।