सावधान! अश्लील वीडियो कॉल के बाद 'फर्जी DSP' बनकर ब्लैकमेलिंग का खेल, रतलाम पुलिस ने नाकाम की बड़ी साजिश

Beware! After an obscene video call, a fake DSP posing as a blackmailer attempted to blackmail the victim. Ratlam police foiled a major plot

सावधान! अश्लील वीडियो कॉल के बाद 'फर्जी DSP' बनकर ब्लैकमेलिंग का खेल, रतलाम पुलिस ने नाकाम की बड़ी साजिश

 डेली जर्नल हिंदी डेस्क 

सरवन (रतलाम), डिजिटल युग में साइबर अपराधी ठगी के नए-नए और खौफनाक तरीके अपना रहे हैं। ताजा मामला रतलाम जिले के सरवन थाना क्षेत्र का है, जहाँ 'सेक्सटॉर्शन' और 'डिजिटल अरेस्ट' के नाम पर एक युवक को शिकार बनाने की कोशिश की गई। हालांकि, पीड़ित की हिम्मत और सरवन थाना पुलिस की सूझबूझ से एक बड़ा आर्थिक और मानसिक संकट टल गया।

हनीट्रैप और अश्लील वीडियो कॉल का जाल

घटना की शुरुआत एक अनजान व्हाट्सएप वीडियो कॉल से हुई। फरियादी के पास एक अज्ञात युवती का कॉल आया, जिसने कॉल उठाते ही अश्लील हरकतें शुरू कर दीं और फरियादी को अपनी बातों में उलझा लिया। यह साइबर अपराधियों की सोची-समझी साजिश का पहला चरण था, जिसमें वे पीड़ित की अश्लील रिकॉर्डिंग कर लेते हैं।

फर्जी 'DSP' की एंट्री और जेल भेजने की धमकी

अगले ही दिन पीड़ित के पास एक दूसरे व्यक्ति का फोन आया। इस शख्स ने खुद को पुलिस विभाग का DSP बताते हुए रौब झाड़ा। उसने पीड़ित को डराया कि उसके खिलाफ अश्लील गतिविधियों की गंभीर शिकायत दर्ज हुई है और पुलिस की टीम उसे गिरफ्तार करने के लिए निकल चुकी है। फर्जी अधिकारी ने केस रफा-दफा करने के बदले 'शर्तें' मानने (पैसों की मांग) का दबाव बनाया।

परिजनों की समझदारी और पुलिस की तत्परता

धमकियों से घबराया युवक गहरे मानसिक तनाव में आ गया था। लेकिन उसने हिम्मत जुटाकर पूरी बात अपने परिजनों को बताई। परिजन उसे लेकर तत्काल सरवन थाना पहुंचे। थाना प्रभारी अर्जुन सेमलियार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत मोर्चा संभाला। उन्होंने फरियादी को पानी पिलाकर शांत किया और समझाया कि यह कोई असली पुलिस कार्रवाई नहीं, बल्कि 'साइबर फ्रॉड' का एक तरीका है। पुलिस की इस काउंसलिंग से पीड़ित को बड़ी राहत मिली और वह ठगी का शिकार होने से बच गया।

रतलाम पुलिस की 'साइबर सेफ्टी' एडवाइजरी

इस घटना के बाद पुलिस अधीक्षक (SP) अमित कुमार और एएसपी राकेश खाखा के निर्देशन में साइबर सेल ने आमजन के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं:

गिरफ्तारी की धमकी: कोई भी पुलिस, CBI या ED का अधिकारी व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर न तो पूछताछ करता है और न ही गिरफ्तारी की धमकी देता है।

अश्लील कॉल पर एक्शन: यदि अनजान नंबर से अश्लील वीडियो कॉल आए, तो तुरंत काट दें। उस दौरान कैमरा ब्लॉक करने की कोशिश करें और स्क्रीन रिकॉर्डिंग/स्क्रीनशॉट संभाल कर रखें।

डेटा शेयरिंग से बचें: कभी भी अपनी निजी फोटो, वीडियो, आधार कार्ड या बैंक की जानकारी अनजान कॉलर्स के साथ साझा न करें।

डरें नहीं, रिपोर्ट करें: ब्लैकमेलर आपकी इज्जत का डर दिखाकर पैसे वसूलते हैं। डरे बिना तत्काल स्थानीय पुलिस या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर सूचित करें।

पुलिस की अपील: सतर्कता ही बचाव है

थाना प्रभारी सरवन ने क्षेत्र के नागरिकों से अपील की है कि वे तकनीक का इस्तेमाल सावधानी से करें। यदि कोई भी व्यक्ति खुद को अधिकारी बताकर डराए या पैसों की मांग करे, तो तुरंत थाने आकर संपर्क करें। फिलहाल पुलिस इस मामले की तकनीकी जांच कर रही है ताकि इन साइबर ठगों तक पहुंचा जा सके।