बज्म-ए-अदब, यादें दानिश आयोजन , एहमद रजा का हुआ बेहतरीन गायन युवाम के बच्चों के किये " ऐ पतंगे तू रोशनी से बच " राहत इंदौरी ने कहा था" यादे दानिश 'जैसा कार्यक्रम इंदौर में हो तो मैं आज मरने को तैयार"
Bazm-e-Adab, Yaadein Danish, and excellent singing by Ahmed Raza
युवाम के बच्चों के किये " ऐ पतंगे तू रोशनी से बच " राहत इंदौरी ने कहा था" यादे दानिश 'जैसा कार्यक्रम इंदौर में हो तो मैं आज मरने को तैयार"
डेली जर्नल हिंदी डेस्क
रतलाम, बज्म-ए-अदब द्वारा मरहूम शायर दानिश अलीगढ़ी की याद में आयोजित यादे-दानिश में मशहूर गजल गायक एहमद रजा ने दानिश की गजलों का समा बाँध दिया, "दो जवा दिलो का गम दूरीयाँ समझती है" पर पूरी महफिल वाह-वाह कह उठी
ऐं पतंगे तू रोशनी से बच - जीना चाहे तो दोस्ती से बच' की जमकर तारीफ हुई, श्रोताओ की फरमाइश पर "अब कोई नहीं मेरे दिल को दुखाने वाला" दोबारा गाया गया।
बज्म-ए-अदब के अध्यक्ष पारस सकलेचा ने दानिश भाई के साथ अपने संस्मरण सुनाते हुये कहा कि युवाम के बच्चों के लिये "हे पतंगे तू रोशनी से बच, जीना चाहे तो दोस्ती से बच 'गजल लिखी, सकलेचा ने कहा कि जब इस गजल को हिन्दुस्तान के अलावा यूरोप के कालेजो मे आयोजित मोटिवेशन क्लास में सुनाया तो बेहिसाब प्रशंसा हुई ।

बज्म-ए-अदब के सचिव अब्दुल सलाम खोकर ने कहा कि पारस दादा के जानिब से यादे दानिश मे 16 अखिल भारतीय मुशायरे तथा दानिश की गजलों के गायन के 3 कार्यक्रम हुये जिसमे राहत इंदौरी, सम्पत सरल, कुँवर जावेद, शबाना अदीब, वसीम बरेलवी, मंजर भोपाली, सुफियान काजी, होश नुमानी, आदि विखयात शायर शामिल हुए, मुशायरे के दौरान राहत साहब ने कहा कि 'यादे दानिश' की तरह इंदौर में मुझे याद करें तो मैं आज मरने को तैय्यार हू।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में गायक एहमद रजा तथा तबला बादक लक्की राठौर, ताहिर भाई, आमिर रज़ा तथा तय्यब भाई का स्वागत पारस सकलेचा, धर्मेन्द्र मंडवारिया, जावेद दानिश, सलाम खोकर, अनवर दानिश, पियुष बाफना, सलीम मोहम्मद बागवान, नीलू अग्रवाल द्वारा किया गया, दानिश अलीगढी परिवार की ओर से पारस सकलेचा, खुशाल सिंह पुरोहित, अब्दुल सलाम खोकर, धर्मेन्द्र मंडवारिया, रणजीत सिंह राठौर सलीम मोहम्मद बागवान , पीयूष बाफना , नीलू अग्रवाल का शाल श्रीफल से स्वागत किया गया।
इस मौके पर दानिश अलीगढ़ी के भाई सत्तार अलीगढ़ी, गफ्फार अलीगढ़ी, जावेद दानिश, अनवर दानिश, नयन सुबेदार, सुनील पारीख, अल्पु सेठ नागोरी, पार्षद नासिर कुरैशी, सुहेल काजी, बसंत पंडया, सलीम शेख, वाहिद भाई, युनूस भाई, अकील मास्टर, अजीत जैन, प्रकाश लुणावत, अविनाश व्यास, गौरीशंकर शर्मा, जोयेब आरीफ, सादिक भाई, चांद खा, आसिफ भाई, सुरेश बाहेती, विनोद झालानी तथा अलीगढ़ी परिवार व दादा के दिवाने तथा फैजान, अयान, फरहान और मित्र मण्डल उपस्थित थे।
कार्यक्रम का संचालन अब्दुल सलाम खोकर धर्मेन्द्र मण्डवारीया तथा आभार जावेद अलीगढ़ी ने किया।