पूर्व गृहमंत्री के धरने का 'साइड इफेक्ट'! रतलाम में 12 लाख की चोरी का खुलासा तो हुआ, लेकिन कप्तान का 'मूड' रहा ऑफ; ऑफ मूड से किया प्रेस वार्ता को संबोधित

The former Home Minister's protest had a 'side effect'! A theft of 12 lakh rupees was uncovered in Ratlam, but the Captain was in an off mood; he addressed the press conference in an off mood

पूर्व गृहमंत्री के धरने का 'साइड इफेक्ट'! रतलाम में 12 लाख की चोरी का खुलासा तो हुआ, लेकिन कप्तान का 'मूड' रहा ऑफ; ऑफ मूड से किया प्रेस वार्ता को संबोधित

डेली जर्नल हिंदी डेस्क 

रतलाम,  रतलाम पुलिस ने औद्योगिक थाना क्षेत्र के अंतर्गत बीएमओ शंकर लाल खराड़ी के पिता के नए मकान के गृह प्रवेश के दौरान हुई 12 लाख रुपये की बड़ी चोरी का सनसनीखेज खुलासा तो कर दिया, लेकिन इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस कप्तान के बदले-बदले तेवर चर्चा का केंद्र बन गए। आमतौर पर मीडिया से सहजता से रूबरू होने वाले कप्तान का मूड बुधवार को कुछ खास सही नहीं लगा। उन्होंने केवल औपचारिकता निभाते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया और तुरंत वहां से निकल गए। इस दौरान न तो उन्होंने किसी पत्रकार से कोई 'हाय-हेलो' किया, न चेहरे पर कोई रियल वाली स्माइल दिखी और न ही हमेशा की तरह कोई खास रिस्पांस दिया। कप्तान के इस 'ऑफ मूड' को देखकर कयासों का बाजार गर्म है कि आखिर पुलिस महकमे के सबसे बड़े अधिकारी की बेरुखी की असली वजह क्या है?

सत्ताधारियों की 'खरी-खोटी' या ट्रांसफर का डर? पूरे प्रदेश में किरकिरी के बाद सुलग रहे हैं कई सवाल

अंदरूनी और सूत्रों की खबरों की मानें तो इस उखड़े हुए मूड के तार बीते बुधवार को एसपी ऑफिस में हुए हाई-प्रोफाइल ड्रामे से जुड़े हैं, जब प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री हिम्मत कोठारी को अपने मित्र के प्लॉट पर अवैध कब्जे के खिलाफ एसपी चैंबर के बाहर जमीन पर धरने पर बैठना पड़ा था।  इस घटना के बाद क्या कहीं सत्ताधारी पार्टी के आला नेताओं ने पुलिस प्रशासन को जमकर खरी-खोटी तो नहीं सुना दी? या फिर स्थानांतरण की चेतावनी तक की बातें हवा में तैर रही हो?

धरना देने पर विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने चुटकियां लेने में कोई कसर नहीं छोड़ी

दरअसल, बुधवार याने 20 मई से महज 4 से 5 दिनों पहले ही हिम्मत कोठारी ने खुद एसपी अमित कुमार से मिलकर अपनी पीड़ा सुनाई थी, लेकिन इसके बावजूद जब निचले स्तर पर ढीलपोल हुई, तो वरिष्ठ नेता को धरने पर बैठना पड़ा। इस पूरे वाक्ये के बाद पूरे मध्य प्रदेश में रतलाम पुलिस की जमकर किरकिरी हुई और विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने भी सोशल मीडिया पर चुटकियां लेने में कोई कसर नहीं छोड़ी। हर मीडिया संस्थान ने इस मुद्दे को पुरजोर तरीके से उछाला भी, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए और शायद इसी 'डैमेज' के बाद से कप्तान साहब का मूड पूरी तरह ऑफ नजर आ रहा है।

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