सड़क सुरक्षा के लिए रतलाम एसपी का बड़ा अभियान: 25 KM के निरीक्षण के बाद याद आई पीएम की अपील, फिर एक ही गाड़ी में सवार हुए सभी अफसर
Ratlam SP launches major road safety drive: After inspecting 25 km, he remembered the PM's appeal, then all officers rode in the same vehicle
डेली जर्नल हिंदी डेस्क
रतलाम। जिले में बढ़ते सड़क हादसों पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए पुलिस अधीक्षक (एसपी) अमित कुमार ने शनिवार को राष्ट्रीय राजमार्गों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान सुरक्षा सुधारों के साथ-साथ पुलिस प्रशासन ने अनुशासन और ऊर्जा संरक्षण का एक अनूठा उदाहरण भी पेश किया।
निरीक्षण के बीच याद आई पीएम की अपील, पेश की सादगी की मिसाल
अभियान के दौरान एक दिलचस्प और प्रेरणादायक वाकया सामने आया। निरीक्षण की शुरुआत में सभी अधिकारी अपने-अपने शासकीय वाहनों से चल रहे थे। लेकिन जब टीम लगभग 25 किलोमीटर के दायरे का निरीक्षण कर चुकी थी, तभी पुलिस अधीक्षक अमित कुमार को ईंधन बचत और संसाधनों के सीमित उपयोग को लेकर माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील याद आई।
प्रधानमंत्री की इस भावना का सम्मान करते हुए एसपी ने तुरंत निर्णय लिया और अपनी गाड़ियां छोड़ दीं। इसके बाद एसपी अमित कुमार, एडिशनल एसपी विवेक कुमार लाल सहित अन्य सभी आला अधिकारी अपनी-अपनी गाड़ियां छोड़कर एक ही वाहन में सवार हुए और आगे का निरीक्षण करते हुए रतलाम पहुंचे। इस पहल के जरिए पुलिस ने संदेश दिया कि संसाधनों की बचत और पर्यावरण संरक्षण की शुरुआत स्वयं से होनी चाहिए।
इन 'डेथ ट्रैप' और हॉट स्पॉट्स का हुआ बारीक मुआयना
पुलिस की टीम ने सातरुंडा चौराहे से लेकर रत्नागिरी, बिलपांक फंटा, सालाखेड़ी, सनावदा, खाचरोद, सेजावता, इप्का फैक्ट्री तिराहा, पंचेड़, पलदूना, नामली और कांडरवासा सहित विभिन्न ब्लैक स्पॉट्स का बारीकी से निरीक्षण किया। एसपी ने हर उस पॉइंट का तकनीकी विश्लेषण किया जहाँ पूर्व में घातक दुर्घटनाएं हुई हैं।
हादसे रोकने के लिए एसपी के कड़े निर्देश
सफर को सुरक्षित बनाने के लिए मौके पर ही संबंधित विभागों (MPRDC, RTO, टोल प्रबंधन) को ये निर्देश दिए गए।
रम्बल स्ट्रिप: हर खतरनाक मोड़ और चौराहे से पहले 120, 80 और 50 मीटर की दूरी पर रम्बल स्ट्रिप अनिवार्य रूप से लगाई जाएं।
लाइटिंग और रिफ्लेक्टर: रात के अंधेरे में सड़क साफ दिखे, इसके लिए पर्याप्त रोशनी और पेड़ों/बाधाओं पर रेडियम रिफ्लेक्टर लगाए जाएं।
बैरिकेडिंग: वाहनों की रफ्तार कम करने के लिए जिग-जैग बैरिकेडिंग और स्पीड ब्रेकर की व्यवस्था हो।
सांकेतिक बोर्ड: ड्राइवरों को चेतावनी देने के लिए स्पष्ट और बड़े सांकेतिक बोर्ड लगाए जाएं।
सामूहिक जिम्मेदारी से थमेंगे हादसे
एसपी अमित कुमार ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस का काम नहीं, बल्कि परिवहन विभाग और आम जनता की भी सामूहिक जिम्मेदारी है। इस निरीक्षण में रक्षित निरीक्षक मोहन भर्रावत, डीएसपी यातायात आनंद स्वरूप सोनी और संबंधित क्षेत्रों के थाना प्रभारी भी शामिल रहे। रतलाम पुलिस का यह सुरक्षा ऑडिट अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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