रतलाम रेलवे स्टेशन महोत्सव में झलका सौ वर्षों का गौरव, परंपरा और प्रगति का अद्भुत संगम
Ratlam Railway Station Festival showcases a wonderful confluence of 100 years of pride, tradition and progress
डेली जर्नल हिंदी डेस्क
रतलाम, रतलाम रेलवे स्टेशन भवन के 100 वर्ष पूर्ण होने के शुभ
अवसर पर स्टेशन परिसर में आज उत्साह, उल्लास और वरिष्ठ रेलकर्मियों के
प्रति सम्मान के साथ भव्य स्टेशन महोत्सव का आयोजन किया गया। रतलाम
स्टेशन की गौरवशाली विरासत को स्मरण करते हुए अतीत की प्रेरक यादों,
वर्तमान के संकल्प और भविष्य की प्रगति को समर्पित इस महोत्सव ने सभी को
भावुक एवं उत्साहित किया।

कार्यक्रम की शुरुआत अतीत को नमन करते हुए की गई। मंडल रेल प्रबंधक श्री
अश्वनी कुमार ने अपने संबोधन में रतलाम रेलवे स्टेशन की रतलाम शहर के
विकास, जन-जीवन, व्यापार और सांस्कृतिक समृद्धि में निभाई महत्वपूर्ण
भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने रतलाम मंडल में रेलवे द्वारा किए जा
रहे विकास कार्यों और यात्रियों की सुविधा हेतु उठाए जा रहे कदमों की
जानकारी भी साझा की। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. लीला जोशी
रहीं, जिनकी उपस्थिति ने समारोह को विशेष गरिमा प्रदान की।

सांस्कृतिक उत्सव के प्रारंभ में 100 वर्षों के प्रतीक स्वरूप माननीय
अतिथियों द्वारा 10-10 के गुच्छों में 100 रंग-बिरंगे बैलून छोड़कर
स्टेशन के शताब्दी वर्ष का भावपूर्ण संदेश पूरे आकाश में बिखेर दिया।
इसके पश्चात स्टेशन परिसर में भव्य रंगोली डिजाइनों, आकर्षक
आर्टिफैक्ट्स, स्मृति-सम्पन्न फोटो प्रदर्शनी का शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम के अंतर्गत शताब्दी वर्ष वॉल का अनावरण एवं हिलियम बैलून
रेजिंग भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने महोत्सव में उत्साह का नया रंग भर दिया। मंडल
के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत सुमधुर गीतों ने सभी का मन मोह लिया, वहीं
दाहोद से आए कलाकारों के आदिवासी फोक डांस ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम के दौरान उत्साह उस समय चरम पर पहुंच गया जब रेलवे सुरक्षा बल
के जवान तिरंगा हाथ में लेकर बुलेट मोटरसाइकिल पर भारत माता के जयघोष के
साथ परेड करते हुए नजर आए। उनके साथ स्काउट-गाइड, सिविल डिफेंस और रेलवे
स्कूल के बच्चों द्वारा भी आकर्षक परेड प्रदर्शन किया गया।

महोत्सव स्थल पर सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया, जिसमें रेलवे से
सेवानिवृत्त वरिष्ठ रेलकर्मियों को आमंत्रित कर उनके अनुभवों, स्मृतियों
और रेल सेवा में दिए गए योगदान को सम्मानपूर्वक साझा किया गया। रेलवे
प्रशासन द्वारा इन सभी सेवानिवृत्त रेलकर्मियों को सम्मानित किया गया,
जिसके चलते वातावरण भावनाओं और सम्मान से सराबोर हो उठा।
सम्माननीय अतिथियों द्वारा स्टेशन महोत्सव कार्यक्रम के अंतर्गत
आयोजित ड्राईंग एवं क्विज प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय
स्थान पाने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर डाक विभाग द्वारा रतलाम रेलवे स्टेशन भवन के 100 वर्ष पूर्ण होने पर विशेष पोस्टल कवर जारी किया गया, जिसका विमोचन मुख्य अतिथि डॉ. लीला जोशी तथा अन्य माननीय अतिथियों द्वारा किया गया।
रतलाम रेलवे स्टेशन के शताब्दी वर्ष पर आयोजित यह महोत्सव न केवल अतीत के
गौरव को सलाम करता है, बल्कि भविष्य की नई संभावनाओं को भी ऊर्जा प्रदान
करता है। पूरे परिसर में उत्सव का माहौल इस बात का प्रमाण रहा कि रतलाम
स्टेशन केवल एक भवन नहीं, बल्कि इस क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर और
प्रगति का प्रतीक है।