रतलाम रेलवे स्टेशन 100 वर्ष पूरे करने जा रहा, इसे लेकर 14 नवंबर को होगा रतलाम महोत्सव का जश्न  

Ratlam Railway Station is about to complete 100 years, to mark this occasion, Ratlam Mahotsav will be celebrated on 14th November

रतलाम रेलवे स्टेशन 100 वर्ष पूरे करने जा रहा, इसे लेकर 14 नवंबर को होगा रतलाम महोत्सव का जश्न  

डेली जर्नल हिंदी डेस्क 

रतलाम, दिल्ली–मुंबई मुख्य रेल मार्ग के मध्य बिंदु पर स्थित पश्चिम रेलवे का रतलाम रेलवे स्‍टेशन पर रेल संपर्क का इतिहास लगभग 150 वर्षों से अधिक पुराना है तथा पुरातन स्‍टेशन भवन लगभग 100 वर्ष पुराना है। रतलाम रेल मंडल की बात करें तों यह  होलकर, सिंधिया और राजपुताना–मालवा रेल से लेकर आज के पश्चिम रेलवे तक— यह विकास, विरासत और प्रगति की एक अनोखी कहानी है।

होलकर स्टेट रेलवे की स्थापना वर्ष 1870 से 1876 के बीच महाराजा
तुकोजीराव होलकर द्वितीय की दूरदर्शी पहल पर खंडवा से इंदौर के मध्य की
गई थी। इसके उपरांत महाराजा सिंधिया द्वारा 1871 से 1880 के बीच
इंदौर–नीमच मीटर गेज रेल लाइन का निर्माण कराया गया, जिसे सिंधिया–नीमच
रेलवे के नाम से जाना गया। वर्ष 1881 में नीमच–नसीराबाद लाइन के पूर्ण
होने के साथ यह क्षेत्र रेल संपर्क से और अधिक सशक्त हुआ।

वर्ष 1881–82के दौरान होलकर रेलवे, सिंधिया–नीमच रेलवे और राजपुताना रेलवे का एकीकरण कर राजपुताना–मालवा रेलवे का गठन किया गया। रतलाम में पहली मीटर गेज रेल लाइन 1874 में प्रारंभ हुई, जबकि लगभग दो दशक बाद वर्ष 1893 में ब्रॉड
गेज रेल लाइन का शुभारंभ हुआ, जो मुंबई (तत्कालीन बंबई)–दिल्ली मुख्य
मार्ग का एक प्रमुख हिस्सा थी। रतलाम मंडल की पहली ब्रॉड गेज लाइन गोधरा
से लिमखेड़ा के बीच 1893 में प्रारंभ हुई, जबकि रतलाम–नागदा–उज्जैन खंड
पर ब्रॉड गेज लाइन 1896 में खुली। 1885 से लेकर स्वतंत्रता प्राप्ति तक
इन रेल व्यवस्थाओं का संचालन बॉम्बे, बड़ौदा एवं सेंट्रल इंडिया रेलवे
(B.B. & C.I.) के अधीन रहा, जिसके बाद इसका प्रबंधन भारत सरकार द्वारा
संभाला गया।

रतलाम रेलवे स्टेशन का वर्तमान भवन लगभग सौ वर्ष पुराना है।
इंडो–सारसेनिक स्थापत्य शैली में निर्मित यह दो-मंजिला भव्य इमारत अपने
कलात्मक झरोखों, मेहराबी बरामदों और स्थापत्य की सुंदरता के लिए विख्यात
है। यह भवन रतलाम शहर की ऐतिहासिक पहचान का अभिन्न प्रतीक बन चुका है।

मीडिया को संबोधित करते हुए मंडल रेल प्रबंधक अश्‍वनी कुमार ने
बताया कि शताब्दी वर्ष समारोह के अवसर पर 14 नवंबर को रतलाम मंडल
पर अनेक आकर्षक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। समारोह की शुरुआत
मुख्य अतिथियों द्वारा 100 बैलून छोड़ने के साथ होगी। ऐतिहासिक फोटो
प्रदर्शनी एवं हेरिटेज आर्टिफैक्ट प्रदर्शनी का शुभारंभ किया जाएगा।
स्टेशन परिसर में शताब्दी वर्ष वॉल का अनावरण एवं हिलियम बैलून रेजिंग का
आयोजन होगा। रेलवे सुरक्षा बल द्वारा बाइक परेड का प्रदर्शन किया जाएगा,
जिसमें सिविल डिफेंस, स्काउट गाइड और स्कूली बच्चों की परेड भी शामिल
होगी। क्षेत्र की सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाते हुए आदिवासी लोक नृत्य
का मंचन विशेष आकर्षण रहेगा। इस अवसर पर ड्राइंग एवं क्विज प्रतियोगिता
के विजेता बच्चों को ट्रॉफी प्रदान की जाएगी। शताब्दी वर्ष गार्ड का
उद्घाटन, विशेष डाक कवर (पोस्टल कवर) का विमोचन तथा रतलाम स्टेशन मैगजिन
का रीलिज भी समारोह का हिस्सा होगा।

कुमार ने बताया कि रतलाम रेलवे स्टेशन का यह शताब्दी पर्व न केवल एक
भवन की ऐतिहासिक यात्रा का उत्सव है, बल्कि यह उस गौरवशाली विरासत को भी
श्रद्धांजलि है जिसने पिछले सौ वर्षों में रतलाम को भारत की रेल व्यवस्था
के प्रमुख केंद्रों में स्थापित किया है। इस मौके पर वरिष्‍ठ मंडल वाणिज्‍य प्रबंधक श्री हीना वी. केवलरामानी तथा वरिष्‍ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर श्री भजन लाल मीना भी उपस्थित रहे।