वाह उस्ताद...! की गूंज में सजा वाद्य यंत्रों का महासंग्राम
A grand battle of musical instruments was organised to the resonance of 'Wah Ustaad
डेली जर्नल हिंदी डेस्क
रतलाम, कहना है संस्था द्वारा आयोजित वाद्य यंत्रों की अनुपम प्रतियोगिता में 70 से अधिक कलाकारों ने तबला, ढोलक, ऑक्टोपैड, क्लैप बॉक्स, गिटार, युकुलेले, ड्रम्स, कीबोर्ड, सितार और बांसुरी जैसे 8 से भी अधिक वाद्य यंत्रों पर अपनी अद्भुत प्रस्तुतियां दीं।
दीप प्रज्वलन और शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और सरस्वती पूजन से हुआ। इस अवसर पर अतिथि के रूप में बॉलीवुड संगीत निर्देशक श्री आदित्य गौड़, बॉलीवुड गीतकार श्री यशपाल तंवर, रंगकर्मी श्री ओम प्रकाश मिश्रा, श्री अरविंद सोसायटी अध्यक्ष सतीश पंड्या, एमएसएमई के पूर्व निदेशक श्री प्रवीण जोशी तथा जनसंपर्क अभियान समन्वयक श्री रत्नेश विजयवर्गीय उपस्थित रहे।

महासंग्राम का परिणाम, आठ चरणों में 24 विजेताओं का सम्मान
संस्था संस्थापक असीम पंड्या और निर्देशिका हर्षिका पंड्या के मार्गदर्शन में प्रतियोगिता आठ चरणों में आयोजित हुई।
पर्कशन क्लासिकल में जूनियर वर्ग से हंसिका वर्मा (तबला) प्रथम, मीत चोपड़ा (तबला) द्वितीय और केशव यादव (तबला) तृतीय रहे। सीनियर वर्ग में केशव सोलंकी (तबला) ने प्रथम, गौतम पाटीदार (तबला) ने द्वितीय और हेमन्त पाटीदार (तबला) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
पर्कशन लाइट म्यूजिक में जूनियर वर्ग के पवीत धनोदकर (तबला), ग्रंथ जैन (कांगो) और आदिश पाल (कांगो) ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पाया, जबकि सीनियर वर्ग में निखार ठाकुर (ड्रम सेट), हिमांशु शर्मा (क्लैप बॉक्स) और चंचल पाटीदार (ऑक्टोपैड) विजयी रहे।
मेलोडीज़ क्लासिकल में जूनियर वर्ग के अक्षत जाट (हारमोनियम), वियना गांधी (हारमोनियम) और अथर्व उपाध्याय (हारमोनियम) ने जीत हासिल की। सीनियर वर्ग में उज्जवल ज़ोज़ा (सितार) प्रथम, मोहित पाटीदार (बांसुरी) द्वितीय और वैशाली शर्मा (हारमोनियम) तृतीय रहे।
मेलोडीज़ लाइट म्यूजिक में जूनियर वर्ग से अग्निव मेहता (युकुलेले), दिशान जैन (कीबोर्ड) और क्रिशा मूणत (हारमोनियम) ने बाजी मारी, वहीं सीनियर वर्ग में सिद्धि बैरागी (कीबोर्ड), कुशाग्र बैरागी (कीबोर्ड) और अर्नव सिंह (कीबोर्ड) ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया।
सभी विजेताओं को अतिथियों द्वारा ट्रॉफी, मेडल और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। निर्णायक मंडल में प्रखर विजयवर्गीय (इंदौर), निलेश परसाई (बदनावर) और डा. परमानंद गंधर्व (खाचरोद) की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

संगीत गुरुओं का अभिनव सम्मान
इस अवसर पर रतलाम के 20 से अधिक संगीत साधकों को पहली बार एक ही मंच पर सम्मानित किया गया। सम्मान पाने वालों में शुभ मुरारी, आदर्श राठौर, विनय राठौर, तल्लीन त्रिवेदी, रोहित परिहार, लोकेंद्र परिहार, अजय हीर, आशीष हीर, प्रसन्न परसाई, निलेश जोशी, गगन दलवी, संगीता जैन, जितेंद्र चौहान, प्राची पुरोहित, तोशी पुरोहित, निलेश परसाई, अंकित परसाई, डा. परमानंद गंधर्व, प्रखर विजयवर्गीय, शुभम बागड़ी, सूर्यवंश शर्मा और विक्की राठौर शामिल रहे। सभी को शाल, श्रीफल, प्रतीक चिन्ह और सम्मान पत्र भेंट किए गए।
इस अवसर पर अतिथि विनीता ओझा (राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका) सहित आदित्य गौड़, यशपाल तंवर, ओम प्रकाश मिश्रा और रत्नेश विजयवर्गीय, एमएसएमई पूर्व निदेशक प्रवीण जोशी मंच पर उपस्थित रहे।

उद्देश्य और भविष्य की योजनाएं
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए असीम पंड्या ने कहा कि बच्चे अक्सर वाद्य यंत्र तो सीखते हैं, लेकिन उचित मंच समय रहते न मिलने के कारण उनका जुड़ाव धीरे-धीरे कम हो जाता है। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य बच्चों और युवाओं को वाद्य यंत्रों की साधना से जोड़े रखना और उन्हें नियमित मंच प्रदान करना है।
निर्देशिका हर्षिका पंड्या ने बताया कि यह आयोजन सिर्फ शुरुआत है। आने वाले समय में संस्था द्वारा कई और प्रतियोगिताएं व कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि रतलाम के कलाकारों को देशभर में अपनी पहचान बनाने का अवसर मिल सके।
ये सभी रहे मौजुद
कार्यक्रम में संगीत क्षेत्र के अलावा विभिन्न क्षेत्रों के दर्शकों ने उपस्थित होकर नवीन कलाकारों को प्रोत्साहन दिया। उपस्थित दर्शकों में शामिल मीडिया कर्मी राकेश पोरवाल, जयशील निकम, अजय उपाध्याय, विनय उपाध्याय, अमित शर्मा, हरीश सिनम, अंजनी कुमार पांडे, आरुष राठौर, माधव सोनी, आयुषी पाल, यशिका वर्मा, मोहित सोनी आदि जैसे अनेक संगीत प्रेमी भी उपस्थित रहे।
संचालन और आभार
कार्यक्रम का संचालन विशाल रायकवार ने किया। आभार सतीश कुमार पंड्या और श्रीमती सीमा पंड्या ने व्यक्त किया।