वर्षों की सेवा का सफर थमा: रतलाम रेल मंडल के दो कर्मठ जांबाज रईसुद्दीन सिद्दीकी और शेख इरफान अहमद हुए सेवानिवृत्त
Years of service come to an end: Two hardworking bravehearts of Ratlam Railway Division, Raisuddin Siddiqui and Sheikh Irfan Ahmed, retired
डेली जर्नल हिंदी डेस्क
रतलाम | 01 मई, 2026 भारतीय रेलवे की कमर्शियल चेकिंग ब्रांच के दो सबसे अनुभवी और कर्मठ स्तंभ, रईसुद्दीन सिद्दीकी और शेख इरफान अहमद, लंबी और बेदाग सेवा के बाद सेवानिवृत्त हो गए हैं। बीते बुधवार को सीटीआई (CTI) कार्यालय में 'रेलवे टिकट चेकिंग स्टाफ वेलफेयर सोसाइटी' रतलाम द्वारा दोनों अधिकारियों को एक गरिमामय समारोह में विदाई दी गई। इसके पश्चात 30 अप्रैल, गुरुवार को मंडल रेल प्रबंधक (DRM) अश्विनी कुमार ने भी उन्हें सम्मानपूर्वक विदाई दी।

रईसुद्दीन सिद्दीकी: 37 साल की कर्तव्यनिष्ठा और अटूट हौसला
रईसुद्दीन सिद्दीकी ने रेलवे को अपने जीवन के बेशकीमती 37 साल दिए हैं। अपने सरल स्वभाव और काम के प्रति समर्पण के लिए पहचाने जाने वाले सिद्दीकी ने 30 नवंबर 1987 को महू (इंदौर) से अपनी सेवा शुरू की थी।
करियर का सफर
उन्होंने दो साल (1989-1991) टीआरडी इलेक्ट्रिक विभाग में कार्य किया, जिसके बाद वे कमर्शियल चेकिंग ब्रांच में आए। वर्ष 1998 में वे हेड टीसी (Head TC) बने।
हौसले की मिसाल
रिटायरमेंट से दो साल पहले स्वास्थ्य खराब होने और पैरों में तकलीफ के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। जहाँ अन्य लोग वीआरएस (VRS) का विकल्प चुन लेते, वहीं उन्होंने सीनियर अधिकारियों के निर्देशों का पालन करते हुए अपनी ड्यूटी पूरी की। उनके चार पुत्र हैं जो अपने जीवन में पूरी तरह व्यवस्थित (Well Settled) हैं। अब वे अपनी फिटनेस पर ध्यान केंद्रित करेंगे।

शेख इरफान अहमद: 'डीआरएम अवार्ड' विजेता और बहुमुखी प्रतिभा के धनी
शेख इरफान अहमद ने रेलवे में कुल 39 वर्ष और 3 माह की लंबी पारी खेली है। 26 जनवरी 1987 को रेलवे में कदम रखने वाले इरफान अहमद को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए कई बार 'डीआरएम अवार्ड' से नवाजा जा चुका है।
अनुभव
अपनी कुल नौकरी के दौरान उन्होंने 25 माह तक चेकिंग ड्यूटी में सक्रिय योगदान दिया।
मस्तमौला अंदाज
वे अपने खुशमिजाज स्वभाव के लिए स्टाफ में बेहद लोकप्रिय हैं। गायन के शौकीन इरफान अहमद की मौजूदगी के बिना मित्रों की महफिल अधूरी मानी जाती है। सोशल मीडिया पर भी उनके गायन के कई प्रशंसक हैं।
खेलों से जुड़ाव
वे फुटबॉल और क्रिकेट के बेहतरीन खिलाड़ी भी हैं। शहर में आयोजित होने वाले टूर्नामेंट्स में उनकी उपस्थिति और भागीदारी हमेशा अनिवार्य मानी जाती रही है।
रेलवे परिवार और स्टाफ वेलफेयर सोसाइटी से सीटीआई प्रमोद व्यास, राकेश यादव, जीएस भाटी, ललित मेहता, बी.एल मीना, विनोद, इमरान, अशोक शर्मा, महेंद्र सिंह गौतम, जितेन चौहान, विवेक पांडे, नूरहीन इश्तियाक, अंकित, विजेंद्र बैरवा, रविंद्र बघेल, गोतम चतुर्वेदी, कृपाशंकर और लोकेन्द्र सिंह पावर ने विशेष रूप से उपस्थित होकर दोनों सेवानिवृत्त कर्मियों के सुखद और स्वस्थ भविष्य की कामना करते हुए उन्हें भावभीनी विदाई दी।
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