रॉयल कॉलेज में वरिष्ठ IAS राहुल जैन ने विद्यार्थियों को दिए सफलता के मूल मंत्र

Senior IAS Rahul Jain gave the basic mantra of success to the students at Royal College

रॉयल कॉलेज में वरिष्ठ IAS राहुल जैन ने विद्यार्थियों को दिए सफलता के मूल मंत्र

डेली जर्नल हिंदी डेस्क 

रतलाम, रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड एडवांस्ड स्टडीज में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से एक विशेष मार्गदर्शन सत्र का आयोजन किया गया। सत्र के मुख्य वक्ता श्री राहुल जैन (IAS), संयुक्त सचिव, वित्त आयोग, भारत सरकार रहे। उन्होंने रोजगार, स्वरोजगार और आध्यात्मिकता जैसे गंभीर विषयों पर विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया।

कलेक्टर से वित्त आयोग तक का सफर: एक प्रेरणादायी व्यक्तित्व

कार्यक्रम की अध्यक्षता रॉयल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के चेयरमैन श्री प्रमोद गुगालिया ने की। उन्होंने मुख्य अतिथि का परिचय देते हुए बताया कि श्री राहुल जैन 2005 बैच (म.प्र. कैडर) के भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी हैं। वे ग्वालियर, रीवा और नर्मदापुरम जैसे महत्वपूर्ण जिलों के कलेक्टर और TNCP में निदेशक के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। विशेष बात यह है कि वे IAS होने के साथ-साथ एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) भी हैं, जो विद्यार्थियों के लिए दोहरी प्रेरणा का स्रोत है।

कौशल विकास और सरकारी योजनाओं पर जोर

श्री राहुल जैन ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल अकादमिक डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि कौशल विकास (Skill Development) का महत्व कहीं अधिक बढ़ गया है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे शासन की विभिन्न लाभकारी योजनाओं का लाभ उठाएं, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं, प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना, मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना, विवेकानंद करियर मार्गदर्शन योजना, कॉरपोरेट मित्र पोर्टल और iGOT प्लेटफॉर्म। उन्होंने जोर देकर कहा कि विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ उद्योग जगत की बदलती मांगों के अनुरूप अपनी योग्यता का विस्तार करना चाहिए।

डिजिटल अनुशासन और संस्कार: सफलता की असली पूंजी

तकनीक के युग में विद्यार्थियों को राह दिखाते हुए श्री जैन ने डिजिटल अनुशासन पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा, "इंटरनेट और तकनीक का उपयोग अपनी कार्यक्षमता (Efficiency) बढ़ाने के लिए करें, न कि केवल समय बिताने के लिए।"

आध्यात्मिकता और मूल्यों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था और संस्कार हमारी असली पूंजी है। परिवार, समाज और संस्कार मिलकर ही हमारे व्यक्तित्व को मजबूत बनाते हैं। आधुनिकता की इस दौड़ में हमें अपनी जड़ों और संस्कारों को कभी नहीं भूलना चाहिए।

प्रमुख हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति

इस अवसर पर समाजसेवी श्री ओमजी अग्रवाल, मांगीलाल जैन, अजय बाकीवाला सहित महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मनीष सोनी, डॉ. कल्पना पाटीदार, डॉ. अमित शर्मा और पूरा स्टाफ मौजूद रहा। कार्यक्रम का सफल संचालन बीएड प्राचार्य डॉ. आर.के. अरोरा ने किया और आभार प्रबंधन संकाय के प्राचार्य डॉ. प्रवीण मंत्री ने व्यक्त किया।

ADVERTISEMENT