सीनियर डीसीएम के खिलाफ लगे मुर्दाबाद के नारे, सीनियर डीसीएम की जीएम गुप्ता से रेल मंडल संघर्ष समिति ने की शिकायत, अन्य समस्याओं को लेकर भी सौंपा ज्ञापन
Slogans of death were raised against the Senior DCM, Railway Divisional Struggle Committee complained to GM Gupta about the Senior DCM, a memorandum was also submitted regarding other problems
डेली जर्नल हिंदी डेस्क
रतलाम, पश्चिम रेलवे के महा प्रबंधक विवेक कुमार गुप्ता के रतलाम मंडल में निरीक्षण के बाद रतलाम पहुंचे गुप्ता को रतलाम मंडल रेल संघर्ष समिति ने सीनियर डीसीएम मैडम के खिलाफ नारे बाजी करते हुए एक शिकायती पत्र और रतलाम मंडल से जुड़ी कुछ समस्याएं और सुविधा शुरू करने को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। बुधवार की शाम भीड़ जमा देख और नारेबाजी और मां प्रबंधक गुप्ता भीड़ के पास मुलाकात करने पहुंचे। इस दौरान रतलाम मंडल संघर्ष समिति के अध्यक्ष यतेंद्र भारद्वाज समय न लेते हुए कम बात में समस्या बता दी।
ज्ञापन बताई गई यह बात
रतलाम मंडल संघर्ष समिति ने बताया कि रतलाम रेल मंडल एक बड़ा रेल मंडल है इसमें आसपास क्षेत्र में तीन राज्य और उनके कई बड़े जिले आते हैं तथा यहां पर कई महत्वपूर्ण गाड़ियों का आवागमन होता है जिनमें कि आपातकालीन कोटा कई वर्षों से एक जैसा ही है, कृपया उस कोटे को बढ़ाया जाए।
भिंड ग्वालियर का समय बढ़कर 6 बजे हो, 2 से 5 बजे के बीच इंदौर उज्जैन की तरफ एक गाड़ी चले
दोपहर को 2 बजे के पश्चात शाम 5 बजे तक कोई भी गाड़ी इंदौर व उज्जैन की तरफ नहीं है जिससे दैनिक यात्रियों को काफी असुविधा होती है कृपया इंदौर में उज्जैन में खड़ी गाड़ियों का विश्लेषण करें उन्हें रतलाम तक बढ़ाने का कष्ट करें तथा रतलाम से ग्वालियर / भिंड जाने वाली गाड़ी का समय शाम 5:30 है अगर उसे 30 मिनट और बढ़ा कर शाम 6 बजे कर दिया जाए तो कई अप डाउन करने वाले यात्रियों को सुविधा होगी, यह गाड़ी इंदौर स्टेशन पर काफी समय खड़ी रहती है और यह गाड़ी सुबह 9 बजे रतलाम आ जाती है। इसे नीमच तक भी बढ़ाया जा सकता है जो कि क्षेत्रीय सांसद सुधीर गुप्ता जी की मांग भी है।
लाखों खर्च कर फ्रीगंज से रेलवे स्टेशन का मार्ग जर्जर स्थिति में, कचरे का है अंबार
रेलवे ने लाखों रुपए खर्च करके फ्रीगंज से रेलवे स्टेशन की तरफ मार्ग बनाया, जो कि अब पूरी तरह जर्जर हो चुका है तथा गंदगी का अंबार वहां लगा रहता है और यह गंदगी वहां ज्यादातर कैटरिंग वाले करते हैं, निवेदन किया कि उसकी तरफ ध्यान किया जाए तथा उस रोड को तथा उसके साथ लगने वाले हिस्से का उचित रख रखाव किया जाए।
घटिया स्तर की से खाना नाश्ता और ओवर चार्जिंग की जा रही
बड़े ही गर्व की बात है कि रतलाम अपनी एक खूबी सेंव और मालवा क्षेत्र के भोजन लिए भी बहुत प्रसिद्ध है रतलाम स्टेशन आते ही यहां पर व्यक्ति को यहां की सेंव की याद आती है और यह बड़ा ही दुख का विषय है कि यहां की कैटरिंग में बड़े ही घटिया स्तर का सेंव, खाना और नाश्ता दिया जा रहा है तथा ओवरचार्जिंग की जा रही है तथा शिकायत करने पर मारपीट की जाती है क्योंकि इन सभी को वाणिज्य विभाग के अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है कई बार शिकायतों के बावजूद भी सिर्फ लीपापोती करके मामले को खत्म कर दिया गया है। स्टेशन पर घटिया भोजन और सेंव यात्रीयो को मिल रहा है जिससे कहीं ना कहीं से रतलाम की गौरवमयी पहचान और कमाये हुए नाम को बदनामी मिल रही है।
लैंड फॉर जॉब स्कैम में रतलाम मंडल वाणिज्य विभाग का डिप्टी सीटीआई चर्चाओं में
इन दिनों लैंड फॉर जॉब स्कैन रतलाम मंडल वाणिज्य विभाग का डिप्टी सीटीआई चर्चाओं में है, परंतु उसे चेकिंग प्रभारी द्वारा इतने बड़े आरोप के पश्चात भी विशेषाधिकार दिया गया है और महू में पोस्टिंग होने के बावजूद भी उन्हें चेकिंग का प्रभारी बनाया हुआ है जिसकी कोई आवश्यकता नहीं है। इसकी गहनता से जांच करने की आवश्यकता है जिसमें कई और सत्यता सामने आएगी। सूचना अधिकार के तहत जो जानकारी प्राप्त 6 हुई थी उससे एक बात यह भी निकाल कर आई की कंसल्टेंट के रूप में कार्यरत एसीएम को रेलवे बोर्ड के निर्देशों की अवहेलना करते हुए ऐसे कार्य सौंप गए जो कि नहीं दिए जाने चाहिए थे यह केवल तत्कालीन एसीएम जो कि अनुसूचित जाति थे, उनको मानसिक रूप से प्रताड़ित करने हेतु किया गया था इसकी भी गहन जांच आवश्यक है तथा इन कंसलटेंट एसीएम से कई महत्वपूर्ण फाइलों पर साइन भी करवाए गए
वाणिज्य विभाग में अनुसूचित जाति जनजाति के कर्मचारियों को किया जा रहा अधिक परेशान
वाणिज्य विभाग में अनुसूचित जाति जनजाति के कर्मचारियों को अत्यधिक परेशान किया जाता है, इसका ताजा उदाहरण हाल ही में अभी सीटीआई स्लीपर द्वारा एक अनुसूचित जाति के स्टाफ से मारपीट की गई जिसमें उसको निलंबित भी किया गया जबकि सीटीआई स्लीपर के विरुद्ध जीआरपी थाना रतलाम में एट्रोसिटी का मुकदमा दर्ज हुआ फिर भी विभाग द्वारा उनके विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। यही नहीं महोदय इस सीटीआई स्लीपर के विरुद्ध पूर्व में भी अनेक अपराधिक प्रकरण दर्ज है कृपया इसकी भी गहनता से जांच की आवश्यकता है तथा जो बी. डेटी मुख्यालय पर है वह भी बिना अर्निंग वाले हैं जिन्हें की चेकिंग प्रभारी का अंधा सपोर्ट है। बड़े ही दुख का विषय है मध्य प्रदेश में ट्रिपल इंजन की सरकार है इसी सरकार में आस्था रखने वाले वाणिज्य विभाग के कर्मचारियों को जान पूछ कर प्रताड़ित किया जाता है या फिर उन्हें स्थानांतरण किया जाता है तथा कांग्रेसी मानसिकता के लोगों को यहां सर माथे बिठाया जाता है तथा लालू यादव के व्यक्ति को यहां प्रमुख कार्य दिए जाते हैं। आपातकालीन कोटा में भी इनके द्वारा अनियमितता की जा रही है। महोदय इनके द्वारा भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारीयों के आपातकालीन कोटा आवेदन को नजर अंदाज किया जाता है और उसका कारण सिर्फ यही है कि हमने इनके भ्रष्टाचार और अनियमिता को उजागर करने के लिए आरटीआई का सहारा लिया है।
रेलवे कर्मचारी अधिकारियों के बन रहे घर के नौकर
एक जांच का विषय यह भी है वाणिज्य विभाग के अधिकारियों के घर पर रेलवे के कर्मचारी नौकरी कर रहे हैं और जो नौकरी करने से मना करता है उसको यह दूसरी जगह स्थानांतरित कर रहे हैं तथा इन्हें प्राप्त चार पहिया गाड़ियों का भी भरपूर दुरुपयोग किया जा रहा है।
सफाई व्यवस्था दयनीय स्थिति में
रतलाम रेल मंडल में रतलाम स्टेशन पर सफाई का बड़ा ठेका दिया गया है परंतु दुख का विषय है कि सफाई की स्थिति अत्यंत खराब है जिसे स्वंय चेयरमैन रेलवे बोर्ड देख चुके हैं। साथ ही पूरे स्टेशन पर टूट हो रही है उसको तत्काल ठीक कराए जान की आवश्यकता है।
चित्तौड़गढ़ में टिकट चेकिंग मुख्यालय खत्म करने का और आप प्रयास
रतलाम स्टेशन का एक महत्वपूर्ण स्टेशन है चित्तौड़गढ़, वहां पर टिकट चेकिंग का मुख्यालय था वहां का मुख्यालय बिना किसी उचित कारण के खत्म कर दिये जाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। इससे वहां पर कार्यरत 18 स्टाफ का परिवार विस्थापन की कगार पर है।
ऑटो टैक्सी प्रीपेड बूथ हो, ताकि मनमाना किराए न लिया जाए
रतलाम मंडल का सबसे प्रमुख स्टेशन है रतलाम इंदौर उज्जैन है एवं वहां पर ऑटो टैक्सी प्रीपेड बूथ होना अत्यंत आवश्यक है जिसके अभाव में ऑटो रिक्शा चालकों द्वारा अपनी मनमानी कर बहुत ज्यादा किराया वसूल किया जा रहा है।
चित्तौड़गढ़ स्टाफ को जिन ट्रेनों में काम करने के लिए कहा गया है उन ट्रेनों से रेलवे के काफी TA और DA का नुकसान होता है और इसके साथ ही जो गाड़ी रतलाम भिंड रतलाम से चलती है उसमें इंदौर के स्टाफ से कार्य करवाया जा रहा है जबकि यह गाड़ी मुख्यालय रतलाम से चलती है, इसमें भी रेलवे का आर्थिक रूप से नुकसान हो रहा है, जो कि घोर आपत्तिजनक है। यह भी एक जांच का विषय है कि आखिर यह क्यों हो रहा है और यह किसकी हठधर्मिता है।
100 वर्ष पूर्ण के कार्यक्रम में विधायक सांसद और जनप्रतिनिधि को किया नजरअंदाज
रतलाम रेल मंडल ने 100 वर्ष पूर्ण का एक आयोजन किया तथा एक भव्य उत्सव मनाया जो कि पूरा उत्सव सरकारी धन से था। बड़े ही खेद का विषय है यह है कि इन्होंने स्थानीय विधायक सांसद व जन - प्रतिनिधियों को पूरी तरह से नजर अंदाज किया व इस कार्यक्रम में रेलवे अधिकारियों के द्वारा सामान्य प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया गया।