कलेक्टर का मेडिकल कॉलेज में औचक निरीक्षण: व्यवस्थाओं को और अधिक सरल बनाने के निर्देश

Collector's surprise inspection at Medical College: Instructions to make arrangements more simple

कलेक्टर का मेडिकल कॉलेज में औचक निरीक्षण: व्यवस्थाओं को और अधिक सरल बनाने के निर्देश

डेली जर्नल हिंदी डेस्क 

रतलाम, कलेक्टर मिशा सिंह ने आज शासकीय लक्ष्मी नारायण पांडेय मेडिकल कॉलेज का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की छोटी से छोटी व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया और मरीजों से सीधा संवाद कर फीडबैक लिया। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अस्पताल की प्रक्रियाओं को इतना सरल बनाया जाए कि किसी भी मरीज या उनके परिजन को अनावश्यक परेशानी न झेलनी पड़े।

मरीजों की सुविधा के लिए 'डिजिटल रिपोर्टिंग' पर जोर

कलेक्टर ने लैबोरेट्री जांच कक्ष में मरीजों के पास मौजूद पर्चियों की जांच की। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित किया कि जांच रिपोर्ट ऑनलाइन भेजने की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ और सरल बनाया जाए। प्रबंधन ने बताया कि वर्तमान में मरीजों के मोबाइल पर एसएमएस के माध्यम से रिपोर्ट भेजी जा रही है। कलेक्टर ने स्वयं मरीजों को फोन लगाकर इसकी पुष्टि की, जिस पर मरीजों ने संतोष जताया। उन्होंने निर्देश दिए कि सबसे पहले जांच पूरी होने का एसएमएस जाए और उसके बाद आसान भाषा में रिपोर्ट भेजी जाए।

प्रसव सेवाओं में सुधार: 'डिस्चार्ज से पहले बेड पर ही मिले जन्म प्रमाण पत्र'

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने बच्चों के जन्म-मृत्यु पंजीयन कक्ष का जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रसूता महिलाओं को उनके बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र अस्पताल से डिस्चार्ज होने से पहले उनके बेड पर ही उपलब्ध करा दिया जाए। साथ ही, आवश्यकता पड़ने पर इसकी सॉफ्ट कॉपी भी मोबाइल पर भेजी जाए। उन्होंने रेफरल केसों की भी समीक्षा की और पाया कि अधिकांश महिलाएं शासकीय एंबुलेंस के जरिए ही अस्पताल पहुंची हैं।

भ्रम दूर करने के लिए 'कलर कोडेड' पर्ची की नई पहल

अस्पताल में मरीजों की भीड़ और भ्रम की स्थिति को समाप्त करने के लिए कलेक्टर ने ब्लड टेस्ट, दवाई, सोनोग्राफी और एक्स-रे के लिए अलग-अलग कलर कोडेड (रंगीन) पर्ची शुरू करने के निर्देश दिए। वहीं, निर्माणाधीन सीटी स्कैन कक्ष का अवलोकन करते हुए उन्होंने इस सुविधा को जल्द से जल्द चालू करने की बात कही। सोनोग्राफी में वेटिंग कम करने के लिए डॉक्टरों के कार्य घंटे बढ़ाने और ओपीडी/आईपीडी का समय अलग-अलग निर्धारित करने के निर्देश दिए गए।

विद्यार्थियों के लिए भोजन-पानी और छात्रावास की बेहतर व्यवस्था

कलेक्टर ने मेडिकल कॉलेज के छात्रावास और वहां की सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया। उन्होंने प्रबंधन को निर्देशित किया कि छात्रावास में भोजन व्यवस्था के लिए टेंडर प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए। कलेक्टर ने जोर देकर कहा कि कॉलेज के विद्यार्थियों को भोजन और स्वच्छ पेयजल के संबंध में किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। साथ ही, उन्होंने निजी कैंटीन का निरीक्षण कर मरीजों के लिए जेनेरिक और निशुल्क दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।

आगामी स्वास्थ्य समिति की बैठक में बनेगी रणनीति

निरीक्षण के अंत में कलेक्टर ने बताया कि 29 जनवरी को आयोजित होने वाली जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक में मेडिकल कॉलेज की डीन भी उपस्थित रहेंगी, ताकि भविष्य की कार्ययोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की जा सके। इस अवसर पर डीन डॉ. अनीता मुथा, डॉ. पवन शर्मा, सीएमओ डॉ. विनय शर्मा और अस्पताल प्रबंधक डॉ. अंकित शर्मा सहित अन्य स्टाफ उपस्थित रहा।