व्यापम घोटाला: सुप्रीम कोर्ट सख्त, सीबीआई और राज्य सरकार को शपथ पत्र दाखिल करने के आदेश
Vyapam scam: Supreme Court strict, orders CBI and state government to file affidavit
डेली जर्नल हिंदी डेस्क
नई दिल्ली/रतलाम। व्यापम घोटाले से जुड़ी शिकायतों पर उचित कार्रवाई न होने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। माननीय न्यायाधीश प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायाधीश एन.वी. अंजारिया की खंडपीठ ने सीबीआई और राज्य शासन को स्पष्ट आदेश दिया है कि वे पूर्व विधायक पारस सकलेचा की शिकायतों पर अब तक की गई जांच और दाखिल चार्जशीट की विस्तृत जानकारी शपथ पत्र (Affidavit) सहित पेश करें। दरअसल, इंदौर हाई कोर्ट द्वारा सकलेचा की याचिका को यह कहकर खारिज कर दिया गया था कि वे इस मामले में 'प्रभावित पक्ष' नहीं हैं। हाई कोर्ट के इसी आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी, जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने शासन और सीबीआई की चुप्पी पर जवाब मांगा है।
दस्तावेजों के साथ 320 पन्नों की शिकायत, अब 16 अप्रैल को होगी अगली सुनवाई
उल्लेखनीय है कि पारस सकलेचा ने पीएमटी और अन्य परीक्षाओं में अनियमितता को लेकर दिसंबर 2014 में एसटीएफ और जुलाई 2015 में सीबीआई को 320 पन्नों की विस्तृत शिकायत मय दस्तावेजों के सौंपी थी। सकलेचा का पक्ष रखते हुए वरिष्ठ अभिभाषक विवेक तंखा और उनकी टीम ने कोर्ट को बताया कि वर्षों बीत जाने और कई बार बयान दर्ज होने के बावजूद मुख्य सचिव, एसटीएफ और सीबीआई द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। शासन की ओर से अतिरिक्त एडवोकेट जनरल श्रीधर पोटराजू और सीबीआई की ओर से दविंदर पाल सिंह ने अपना पक्ष रखा। अब इस हाई-प्रोफाइल मामले की अगली सुनवाई 16 अप्रैल 2026 को होगी, जहाँ जांच एजेंसियों को अपनी प्रोग्रेस रिपोर्ट पेश करनी होगी।