एसएसी एसटी छात्रों के साथ हो रहा भेदभाव, ना सेहत का दया और छात्रावास पर दिया जा रहा ध्यान, व्यवस्था सुधारने सौंपा ज्ञापन, वर्ण होगा आंदोलन
There is discrimination against SC ST students, no mercy for their health and no attention is being paid to the hostels, memorandum submitted to improve the system, then there will be agitation
डेली जर्नल हिंदी डेस्क
रतलाम, अंबेडकर सर्किल कोड चौराहे से बाइक रैली निकालकर रतलाम जिला कलेक्टर ऑफिस में भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दे कर बाजना स्थित एकलव्य आवासीय बालिका छात्रावास में 18 अगस्त को खराब खाने से एक के बाद एक छात्राओं की तबीयत खराब होने लगी, जिस पर प्रशासन मौसमी बीमारी बता कर मामले को दबाने का काम कर रहा है, जबकि छात्राएं फूड प्वाइजन का शिकार हुई है, 86 आदिवासी छात्राओं को चार कमरे में रखना और उन्हें एक पलंग पर तीन से चार छात्रों को सुलाना भेड़ बकरी की तरह, बंद कर के रखना ये मानव क्रूरता का काम हैं, जो कानून में दंडनीय अपराध है। लगातार मध्य प्रदेश के एससी एसटी छात्रावास में हो रही दर्दनाक घटनाओं को रोकने व छात्रावासो में मूलभूत सुविधाओं अनियमितओ अर्थव्यवस्थाओं को सुधार ने को एवं जबलपुर में 14 आदिवासी छात्राओं की तबीयत खराब और एक छात्रा की मौत, मंडला जिले में 16 छात्रों की तबीयत खराब उसमें से एक छात्रा की मौत, शिवनी, बड़वानी, खरगोन, धार, झाबुआ, ऐसे मध्य प्रदेश के हजारों छात्रावासो की हालत बेकार होती जा रही है।

आवासीय विद्यालय एवं अन्य विद्यालय की स्थापना का उद्देश्य केंद्र के द्वारा संचालित नवोदय विद्यालयों की तरह इन विद्यालयों में भी सारी सुविधाओं के साथ शारीरिक, मानसिक, भौतिक क्षमता व उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान है परंतु पिछले दिनों मध्य प्रदेश के कई छात्रावासो में ऐसी घटनाएं सामने आए जो जिसमें कई सारे छात्राओं की जान चली गई। भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा ने मांग करी है, तत्काल उच्च स्तरीय जांच हो ,दोषी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई हो। आदिवासी अंचलों के आवासीय विद्यालय की पूरी व्यवस्थाएं की समीक्षा की जाए। अभी तक मध्य प्रदेश के छात्रावास में जितने भी छात्रों की मृत्यु हुई उन सभी पीड़ित परिवारों को सरकार उचित मुआवजा दिया जाए एवं बीमार छात्रों की उचित उपचार की व्यवस्था की जाए।
शासन प्रशासन मिलकर घटना की लिपा पोती ना करें मामले को निष्पक्ष तरीके से जांच में लेकर लापरवाह जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई करें ताकि भविष्य में ऐसी निर्दोचित छात्रों को अपनी जान ना गवानी पड़े, एवं मध्य प्रदेश के छात्रावासो में भ्रष्टाचार का तंत्र फ़ैल चुका है, इसे बंद किया जाए, और सुधार किया जाए, मांगे नहीं मानने पर भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा के साथ छात्र शक्ति पूरे प्रदेश भर में आंदोलन करेगा जिसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की रहेगी।
ये रहे ज्ञापन देने में
भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा के प्रदेश संयोजक दिनेश माल,वीपीसिंह हरि, कालू बारोड,जिला संयोजक अनिल मईडा,जिला सह संयोजक मिथुन शिंगाड, कॉलेज संयोजक जितेंद्र गरवाल,कनीराम खराड़ी,जितेंद्र मुनिया, देवचद्र डोडियार,बद्री लाल पारगी,दिनेश निनामा,जवान सिंह डामोर, सुनील डोडियार,पवन खराड़ी,विकास भाभर, सेलेंद्र डामोर, सुकराम भाभर,सुनील डामोर,अरविंद मईडा, गोवर्धन डामोर, दशरथ देवदा, दिलीप भाभर, रितेश निनामा, प्रकाश पारगी,शोभाराम निनामा, दिलीप देवड़ा,अनिल मईडा आदि बड़ी संख्या में छात्र शामिल रहे।
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