जैन धर्म का महापर्व पर्वाधीराज पर्युषण महापर्व की हुई शुरुआत, पर्युषण के आठ दिनों में धर्म की आराधना कर कर्मों की निर्जरा करेंगे
The great festival of Jainism, Parvadhiraj Paryushan Mahaparva has begun. In the eight days of pollution, people will worship religion and cleanse their karmas.
डेली जर्नल हिंदी डेस्क
जावरा, जैन धर्म का महापर्व पर्वाधीराज पर्युषण महापर्व आज से उसने कि मंगलवार से प्रारम्भ हो रहा है। जैन समाज में अती उत्साह का वातावरण है। साध्वी भगवंत डॉ अमृतरसा श्रीजी की पावन निश्रा मे धर्म गंगा बह रही है। साध्वी जी भगवंत ने कहा कि हम पूरे वर्षभर भले ही कुछ न करें लेकिन पर्यूषण के इन आठ दिनों में हमे धर्म आराधना कर अपने कर्मों की निर्जरा अवश्य करना चाहिए।
श्री संघ अध्यक्ष अजीत चत्तर एवं चातुर्मास समिति अध्यक्ष धर्मेंद्र कोलन ने बताया कि आठ दिनी पर्यूषण महापर्व जप, तप, धर्म, ध्यान आदि विभिन्न आराधनाओ के साथ मनाया जाएगा। प्रतिदिन महाराज साहब के प्रवचन एवं कल्पसूत्र का वाचन होगा। सुबह शाम प्रतिक्रमण व रात्रि मे भक्ति होंगी। श्री संघ एवं चातुर्मास समिति सचिव अशोक नवलखा एवं अमित चोरड़िया ने बताया कि भगवान महावीर स्वामी का जन्म वाचन 24 अगस्त एवं संवत्सरी महापर्व 27 अगस्त को मनाया जाएगा।
मीडिया प्रभारी अरविंद जेन एवं अतुल सुराणा ने जानकारी देते हुए बताया कि कल को सिद्धि तप तपस्वियों के सात उपवास के पारणे अंबिका रिसोर्ट में हुए जिसका लाभ लाभार्थी स्वर्गीय पारसमल जी संदीप जी पीयूष जी दसैड़ा परिवार ने लिया। शाम के बियासने के लाभार्थी वैभव जी श्रीपाल जी पीयूष जी मूणत परिवार बडावदा वाले रहे। श्रीसंघ व चातुर्मास समिति ने उनका बहुमान किया। आज मंगलवार दोपहर में सिद्धि तप तपस्वियों की तपस्या निमित होने वाले कार्यक्रमों की पत्रिका का लेखन मूहर्त श्री संघ एवं लाभार्थी परिवारों की उपस्थिति में हुआ।
विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने तपस्वियों का बहुमान कर प्रभावना वितरित की वरिष्ठ संघ के सुजानमल जी कोचटा व सुरेश रांका सहित सदस्य उपस्थित थे जैन सोशल ग्रुप मैत्री के सदस्यों ने भी तपस्वियों को प्रभावना वितरित की। आज से सिद्धितप तपस्वियों की अंतिम 8 दिन की तपस्या के प्रथम उपवास की शुरुआत हुई।
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