निजी स्कूलों की मनमानी पर कलेक्टर का कड़ा प्रहार: विशेष दुकानों से कॉपी-किताब और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य किया तो होगी जेल
Collector slams private school arbitrariness: Students forced to purchase textbooks and uniforms from specific stores face jail time
डेली जर्नल हिंदी डेस्क
रतलाम, नए शैक्षणिक सत्र के प्रारंभ होते ही निजी स्कूलों द्वारा पालकों को लूटने की शिकायतों पर रतलाम प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। कलेक्टर मिशा सिंह ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि यदि कोई भी अशासकीय विद्यालय विद्यार्थियों या अभिभावकों को किसी विशेष दुकान या स्वयं स्कूल से पाठ्यपुस्तकें, स्टेशनरी, यूनिफॉर्म और जूते खरीदने के लिए बाध्य करता है, तो उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के लिए विशेष जांच दलों का गठन
कलेक्टर के आदेशानुसार, जिले में स्कूलों की निगरानी के लिए विशेष जांच दलों का गठन किया गया है। जिला स्तरीय दल में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO), सहायक संचालक शिक्षा और जिला परियोजना समन्वयक को शामिल किया गया है, जो पूरे जिले के स्कूलों और दुकानों का औचक निरीक्षण करेंगे। इसके साथ ही रतलाम, जावरा, पिपलौदा, आलोट, सैलाना और बाजना विकासखंडों के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं, जिनमें विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) और संकुल प्राचार्यों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
शिकायत मिलते ही होगी सीधी कार्रवाई
प्रशासन द्वारा गठित ये टीमें लगातार बाजार और स्कूलों का भ्रमण करेंगी। यदि किसी भी विद्यालय द्वारा विशेष दुकान से सामग्री क्रय करने हेतु दबाव बनाया जाता है या ऐसी कोई शिकायत प्राप्त होती है, तो दल तत्काल जांच कर अपनी रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी को प्रस्तुत करेगा। जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित स्कूल प्रबंधन के विरुद्ध विधि अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस पहल से उन पालकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जो हर साल निजी स्कूलों के भारी-भरकम खर्च और मनमानी से परेशान रहते हैं।