गर्म कपड़े मिले तो 82 मूक-बधिर और दिव्यांग बच्चों के खिले चेहरे, मनोरंजक खेल भी खेला, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन की ओर से हुआ आयोजन

82 deaf and mute children and adults were delighted with warm clothing and played fun games. A program was organized by the International Human Rights Protection Organization in the district jail on International Human Rights

गर्म कपड़े मिले तो 82 मूक-बधिर और दिव्यांग बच्चों के खिले चेहरे, मनोरंजक खेल भी खेला, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन की ओर से हुआ आयोजन

डेली जर्नल हिंदी डेस्क 

दिव्यांग विद्यार्थियों के साथ समय बिताना सौभाग्य — जेल अधीक्षक भदोरिया

रतलाम, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन, जिला रतलाम द्वारा प्रदेश अध्यक्ष अशोक सिंह एवं संभागीय मंत्री शेखर नाहर के मार्गदर्शन में जन चेतना मूक-बधिर विद्यालय में दिव्यांग विद्यार्थियों के साथ सेवा, सहभागिता एवं संवेदना से भरा विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य सत्र में 82 बच्चों को सर्दी से बचाव हेतु जर्किन का वितरण किया गया, जो अतिथियों और दानदाताओं के कर-कमलों से सम्पन्न हुआ।

प्रारंभिक सहभागिता

दोपहर 12 बजे से संगठन के पदाधिकारियों ने बच्चों के साथ मनोरंजक खेल खिलाए और आत्मीय संवाद किया। बच्चों ने उत्साहपूर्वक गतिविधियों में भाग लिया और प्रथम-द्वितीय रहने वालों को पुरस्कृत किया गया। इसके बाद विद्यार्थियों को स्नेहपूर्वक भोजन कराया गया।

82 बच्चों के गर्म कपड़े मिलने से खिले चेहरे

मुख्य कार्यक्रम दोपहर 2 बजे मां सरस्वती की पूजा एवं दीप प्रज्वलन के साथ प्रारंभ हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में जिला जेल अधीक्षक लक्ष्मणकुमार सिंह भदौरिया, जिला विधिक सहायता अधिकारी पूनम तिवारी, संगठन की प्रदेश उपाध्यक्ष सिंधु राज और विद्यालय के अध्यक्ष मुंशीलाल दुबे उपस्थित रहे। विद्यालय के प्राचार्य सतीश तिवारी एवं विद्यालय परिवार ने अतिथियों का स्वागत किया। इसके पश्चात मुख्य सत्र में उपस्थित अतिथियों एवं दानदाताओं के हाथों से 82 विद्यार्थियों को गर्म जर्किन वितरित किए गए, जिससे सर्दी में उन्हें राहत मिल सके। मुख-बधिर बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया और उपस्थित जनों ने तालियों की गूंज से उनका उत्साह बढ़ाया।

सेवा-श्रृंखला की आगे की योजनाएं

जिला अध्यक्ष राजकुमार हरण ने बताया कि यह आयोजन दानदाताओं द्वारा समर्थित सेवा-श्रृंखला का पहला कार्यक्रम है। आगामी दो बड़े कार्यक्रमों में पिपलौदा के दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए 50 गद्दों सहित उपयोगी सामग्री का वितरण किया जाएगा। विद्यालय के 99 वर्षीय अध्यक्ष मुंशीलाल दुबे का शाल एवं मोतियों की माला से सम्मान किया गया। दानदाताओं अशोक झामर, अभय मंडलेचा, श्रीमती प्रतिभा मंडलेचा और दिलीप भंडारी (कालूखेड़ा) का भी शाल और माला से बहुमान किया गया।

अतिथियों ने रखे अपने विचार

विशिष्ट अतिथि पूनम तिवारी ने मानवाधिकारों पर सारगर्भित वक्तव्य देते हुए हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। मुख्य अतिथि भदौरिया ने अपने संबोधन में मानवाधिकारों के महत्व और दिव्यांग विद्यार्थियों की आवश्यकताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में संवेदनशीलता और सकारात्मकता को बढ़ाते हैं। विद्यालय में पहली बार आने पर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बच्चों के कल्याण हेतु ₹10,000 का व्यक्तिगत सहयोग प्रदान करने की घोषणा की और आगे भी सहयोग जुटाने का भरोसा दिया।

ये रहे कार्यक्रम में उपस्थित

मंच पर उपाध्यक्ष जगदीशचंद्र हरारिया, सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत की जिला प्रभारी शबाना खान, समाजसेवी असलम खान, जिला मीडिया प्रभारी प्रतीक लोढ़ा, नगर अध्यक्ष सोनू सोलंकी (रतलाम), नगर अध्यक्ष एजाजुद्दीन शेख (पिपलौदा) उपस्थित रहे। इसके अलावा अनिल श्रीमाल, ज्योति संघवी, कुसुम मेहता, मंजू हरण, अरुणा भंडारी, निखिल शर्मा, नवीन हरारिया, देवेंद्र शर्मा, पिंकी पाटीदार, काजल पाटीदार, आशीषसिंह देवड़ा सहित अनेक दानदाता एवं समाजसेवी मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों का शाल एवं मोतियों की माला से सम्मान किया गया। संयमित संचालन प्राचार्य सतीश तिवारी ने किया और आभार संगठन के मीडिया प्रभारी प्रतीक लोढ़ा ने व्यक्त किया।